बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि ने अपना ‘किम्भो मैसेजिंग एप’ लांच के एक दिन बाद ही वापस ले लिया है. बीते गुरुवार को कंपनी ने इसे वॉट्सएप का प्रतिद्वंदी बताकर लांच किया था. यह एप अन्य मैसेजिंग एप की तरह मैसेज, फोटो, वीडियो भेजने की सुविधा देता है. लांच के बाद पतंजलि के प्रवक्ता तिजारवाला एसके ने एक ट्वीट कर कहा था, ‘अब भारत बोलेगा. सिम कार्ड्स लॉन्च करने के बाद अब रामदेव ने नया मैसेजिंग एप किम्भो लॉन्च कर दिया है. यह एप हमारा अपना स्वदेशी मैसेजिंग प्लेटफार्म है. इसे सीधा गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करें.’ तिजारवाला के मुताबिक किम्भो एक संस्कृत शब्द है जिसे हाल-चाल पूछने के लिए उपयोग किया जाता है.

लांच के कुछ ही घंटों बाद यह एप अपनी खामियों के चलते सोशल मीडिया पर छाया रहा. कई यूजर्स का कहना था कि उन्हें इस एप में मैसेज के न जाने, फोटो अपलोड न होने और एप के न खुलने जैसी समस्यााओं का सामना करना पड़ रहा है. यह एप तब और ज्यादा चर्चा में आ गया जब फ्रांस के हैकर इलियट एंडरसन ने एक ट्वीट कर बताया कि यह एप खामियों से भरा है और इसका सिक्योरिटी सिस्टम बेहद कमजोर है.

एंडरसन के मुताबिक जो यूजर इस ऐप का इस्तेमाल कर रहे हैं उनकी कांटेक्ट लिस्ट और भेजे गए मैसेज आसानी से चुराए जा सकते है. एंडरसन ने पतंजलि को भी सलाह देते हुए लिखा, ‘जब अगली बार पतंजलि इसे लांच करे तब अच्छे डेवलपर की मदद ले.’ यह सब होने के कुछ देर बाद शुक्रवार को पतंजलि ने अपने इस एप को गूगल प्ले स्टोर से हटा लिया. कंपनी की ओर से कहा गया, ‘किम्भो एप पर ज्यादा ट्रैफिक आ गया है. इसे सर्वर अपग्रेड होने के बाद जल्द ही दोबारा लांच किया जायेगा’