स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करवाने के लिए मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के किसानों ने शुक्रवार से 10 दिन का ‘गांव बंद’ का ऐलान किया है. इस खबर को आज के कई अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. किसानों ने कर्ज माफी के साथ उन्हें अनाज की कीमत का भुगतान स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के मुताबिक किए जाने की मांग की है. साथ ही, दूध के लिए कम से कम 27 रुपये प्रति लीटर का भुगतान करने और फलों-सब्जियों के लिए भी न्यूनतम मूल्य भी तय किए जाने की मांग की गई है.

उधर, अगले लोक सभा चुनाव में कर्नाटक की 28 सीटों पर भाजपा की मुश्किलें बढ़ती हुई दिख रही है. राज्य में कांग्रेस और जनता दल सेकुलर (जेडीएस) ने लोकसभा चुनाव साथ मिलकर लड़ने का ऐलान किया है. यह खबर भी अखबारों की प्रमुख सुर्खियों में शामिल है. साल 2014 के चुनाव में भाजपा को इनमें से 17 सीटें हासिल हुई थीं. लेकिन, जेडीएस और कांग्रेस के साथ आने के बाद अनुमान है कि यह आंकड़ा घटकर छह सीटों तक सिमट सकता है.

2017-18 में बैंकों को हुए घाटे की वजह से सरकार का 850 अरब रुपये स्वाहा

फंसे हुए कर्ज (एनपीए) की वजह से लगातार मुश्किलों का सामना कर रहे सरकारी बैंकों के साथ सरकार के लिए भी वित्तीय वर्ष 2017-18 भी बुरा साबित हुआ है. जनसत्ता ने क्रेडिट रेटिंग एजेंसी फिच के हवाले से कहा है कि इस दौरान इन बैंकों में घाटे की वजह से सरकार का करीब 850 अरब रुपये का पूंजी निवेश बर्बाद हो गया है. एजेंसी के मुताबिक चालू वित्त वर्ष में भी इस स्थिति में सुधार की कोई उम्मीद नहीं दिखती है. इसके अलावा फिच का कहना है कि बड़े घाटे की वजह से बैंकों की रेटिंग भी प्रभावित होगी. बताया जाता है कि बैंकों का कुल एनपीए बीते एक साल के दौरान 9.3 फीसदी से बढ़कर 12.1 फीसदी हो गया है.

चुनाव में हिस्सा नहीं लेने वाले राजनीतिक दल कालेधन को सफेद करने का जरिया : नसीम जैदी

राजनीतिक पार्टी बनाना देश में कालेधन को सफेद बनाने का जरिया भी है. दैनिक भास्कर के साथ बातचीत में पूर्व चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने यह बात कही है. उनके मुताबिक चुनाव में हिस्सा नहीं लेने वाले राजनीतिक दल कालेधन को सफेद करने का जरिया बन गए हैं. चुनाव आयोग के मुताबिक देश में हर साल 100 नए राजनीतिक दलों का पंजीकरण हो रहा है. इनमें से अधिकांश चुनाव में हिस्सा नहीं लेते. आयोग के मुताबिक देश में 2100 से अधिक राजनीतिक दल हैं. इनमें से 2,000 को मान्यता हासिल नहीं है. बताया जाता है कि इनके चंदे का लोखा-जोखा न तो आयोग के पास है और न ही आयकर विभाग के पास. दूसरी ओर, 75 फीसदी दलों ने अब तक कोई चुनाव नहीं लड़ा है. बताया जाता है कि बीते 10 वर्षों में 55 फीसदी पार्टियों का पंजीकरण हुआ है. वहीं, करीब 400 अभी भी इसके लिए कतार में हैं.

उत्तर रेलवे ने ट्रेनों में आरक्षित श्रेणी की सीट बुक करने के लिए आधार अनिवार्य किया

उत्तर रेलवे ने ट्रेनों में आरक्षित श्रेणी की सीट बुक करने के लिए आधार अनिवार्य कर दिया है. दैनिक जागरण की खबर के मुताबिक अब यात्रियों को आरक्षण केंद्र से टिकट लेते समय फॉर्म में आधार कार्ड संख्या दर्ज करनी होगी. इसके लिए नए फॉर्म में अलग से एक कॉलम बनाया गया है. वहीं, प्रीमियम ट्रेनों जैसे गरीब रथ और दूरंतो एक्सप्रेस की स्लीपर श्रेणी का टिकट लेते वक्त यात्रियों को बेड रोल लेने या न लेने का भी विकल्प दिया गया है. इनके अलावा यात्रा के दौरान चिकित्सकीय सुविधा लेने का भी विकल्प दिया गया है. साथ ही, गर्भवती महिलाओं के लिए नीचे की सीट आरक्षित करने के लिए इसकी जानकारी फॉर्म में देनी होगी. इसके लिए भी अलग से एक कॉलम बनाया गया है.

संघ देश में सबसे अधिक गलत समझा गया संगठन : उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू

अपने कट्टर विचारधारा की वजह से लगातार विवादों में रहने वाले संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू बचाव करते हुए दिखे हैं. द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने नई दिल्ली में आयोजित नानाजी स्मृति व्याख्यान कार्यक्रम में संघ को देश में सबसे अधिक गलत समझा गया संगठन बताया है. उपराष्ट्रपति ने इसके लिए गलत सूचना आधारित अभियान को जिम्मेदार माना है. उन्होंने आगे कहा, ‘किसी को इस दुनिया के सबसे बड़े स्वैच्छिक मिशनरी संगठन को सही ढंग से समझने के लिए पूर्वग्रह से मुक्त होना चाहिए. जब कोई ऐसा करता है, तो वह इसे पसंद करने के साथ सराहता भी है.’