केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान छत्तीसगढ़ की अपनी ही पार्टी की सरकार से नाराज़ हैं. यहां तक कि उन्होंने छत्तीसगढ़ के भाजपाई मुख्यमंत्री रमन सिंह की सख़्त लहज़े में आलोचना भी की है.

द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक प्रधान की ओर से शुक्रवार को ही मीडिया के लिए एक बयान जारी किया गया है. इसमें उन्होंने कहा है, ‘महानदी के मसले पर रमन सिंह के बयान की आलोचना की जानी चाहिए. केंद्रीय जलसंसाधन मंत्री संजीव बालियान संसद में बता चुके हैं कि छत्तीसगढ़ सरकार ने इस मामले में ग़लती की है. भारतीय जनता पार्टी की ओडिशा इकाई का पक्ष भी इस मामले में बिल्कुल स्पष्ट है. ओडिशा के हितों से किसी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता.’

रमन सिंह की ओर से पिछले सप्ताह दिए गए बयान पर प्रधान यह प्रतिक्रिया दे रहे थे. सिंह ने कहा था, ‘हम महानदी के पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं. आगे भी हम उसके पानी का और इस्तेमाल करते रहेंगे.’ उन्होंने महानदी के पानी के मसले पर ओडिशा सरकार के विरोध को ‘चुनावी मसला’ भी बताया. साथ ही कहा कि यह सब चुनाव बाद ग़ायब हो जाएगा. ओडिशा में 2019 में लोक सभा के साथ ही विधानसभा चुनाव भी होने हैं.

ग़ौरतलब है कि ओडिशा की सत्ताधारी पार्टी बीजू जनता दल (बीजेडी) महानदी के पानी के बंटवारे को बड़ा मसला बना रही है. यह नदी छत्तीसगढ़ से होती हुई ओडिशा में प्रवेश करती है. ओडिशा इसके पानी पर अपनी ज़्यादा भागीदारी चाहता है. बीजेडी के प्रमुख और राज्य के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक इस मसले की ख़ुद अगुवाई कर रहे हैं. उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाए हैं कि चूंकि उसकी छत्तीसगढ़ में सरकार है इसलिए वह ओडिशा के हितों के ख़िलाफ़ रमन सिंह सरकार का समर्थन कर रही है.