केरल की स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा ने निपाह वायरस को लेकर शनिवार को एक विशेष बैठक बुलाई है. द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक यह बैठक संदिग्ध तौर पर इस वायरस की चपेट में आई एक अन्य रोगी की मौत होने के चलते बुलाई गई है. अखबार ने आगे लिखा है कि इस रोगी की आरंभिक जांचों में निपाह वायरस के लक्षण नहीं पाए गए थे.

इससे पहले शुक्रवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लयूएचओ) ने अपनी तरफ से आंकड़े जारी करते हुए कहा कि केरल में इस वायरस से अब तक 16 लोगों की जान गई है. इसके अलावा इसके 753 संदिग्ध रोगियों को डॉक्टरों ने अपनी निगरानी में रखा हुआ है. उधर रोगियों की संख्या और निपाह वायरस से हुई मौतों को देखते हुए कहा जा रहा है कि कोझिकोड में इस वायरस का कहर अब अपने दूसरे चरण में पहुंच गया है.

बताया गया है कि वायरस के डर से कोझिकोड जिले में कम संख्या में ही लोग अपने घरों से बाहर निकल रहे हैं. जिले के शहरी और कस्बाई इलाके को जोड़ने वाली ग्रामीण क्षेत्रों की बसों में मुसाफिरों की संख्या भी न के बराबर ही देखने को मिल रही है. ऐसे में यहां की व्यावसायिक गतिविधियां भी प्रभावित हुई हैं. हालांकि सार्वजनिक इलाकों में लोगों की भीड़भाड़ कम होने की एक वजह रमजान के महीने को भी माना जा रहा है.

इस दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा है कि इस वायरस को लेकर केरल में स्थिति नियंत्रण में है. उनके मुताबिक निपाह वायरस के संबंध में केंद्र और राज्य स्वास्थ्य विभाग लगातार संपर्क बनाए हुए हैं. उन्होंने आगे कहा, ‘इस वायरस का पहला मामला आने के पांच घंटे के भीतर ही केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग ने बचाव की दिशा में काम शुरू कर दिया था. साथ ही केंद्र ने डॉक्टरों की एक टीम भी राज्य में भेजी है.’