भाजपा के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने बॉलीवुड का नाम बदलने की मांग की है. द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार उन्होंने कहा, ‘कुछ दिन पहले फिल्म निर्माता सुभाष घई भाजपा मुख्यालय में मुझसे मिलने आए थे. उन्होंने मुझे बताया कि बीबीसी द्वारा भारतीय फिल्म उद्योग को बॉलीवुड कहे जाने के बाद इसका यह नाम पड़ा. इसे बॉलीवुड कहने का मकसद यह दिखाना था कि यहां जो भी फिल्में बनती हैं, वे हॉलीवुड की कॉपी होती हैं.’ उन्होंने आगे कहा, ‘हमने अपने फिल्म उद्योग का उपहास करने के लिए इस्तेमाल किए गए शब्द को अपना लिया. यह बंद होना चाहिए.’

रिपोर्ट के मुताबिक भाजपा नेता ने यह भी कहा, ‘हमारे पास सत्यजीत रे और दादा साहब फालके जैसे महान फिल्म निर्माता रहे. हमने बहुत सी उम्दा फिल्में बनाईं. हम इस बात को कैसे मान सकते हैं कि हम अंग्रेजी फिल्मों की कॉपी बना रहे हैं?’ उन्होंने इसके खिलाफ सोशल मीडिया पर डोंटकॉलइटबॉलीवुड हैशटैग के साथ एक ऑनलाइन अभियान शुरू किया है. इसके अलावा वे मीडिया में हिंदी फिल्म उद्योग के लिए बॉलीवुड शब्द के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए सूचना और प्रसारण मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को भी खत लिखने वाले हैं.

भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय बॉलीवुड की तर्ज पर दूसरी भारतीय भाषाओं के फिल्म उद्योगों के लिए कॉलीवुड, मॉलीवुड और टॉलीवुड जैसे नामों के इस्तेमाल पर भी पाबंदी चाहते हैं. उन्होंने कहा कि कॉलीवुड की जगह तमिल फिल्म उद्योग, बांग्ला फिल्म उद्योग, उडिया फिल्म उद्योग या भोजपुरी फिल्म उद्योग कहना ज्यादा सम्मानजनक है. द हिंदू के मुताबिक कैलाश विजयवर्गीय ने यह भी कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती एनडीए सरकार ने 1998 में फिल्म निर्माण को उद्योग का दर्जा दिया और इसे माफियाओं व अवैध पैसों से मुक्त कराया. भाजपा महासचिव के मुताबिक मौजूदा एनडीए सरकार हिंदी फिल्म उद्योग के नाम में ऐसा बदलाव करके अपना योगदान दे सकती है जो आत्म सम्मान और गौरव को प्रतिबिंबित करता हो.