ऑटोमोबाइल के क्षेत्र में यह सप्ताह देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति-सुज़ुकी के नाम रहा. दुनियाभर में औद्योगिक घरानों की ब्रांड वैल्यू को लेकर सर्वे करने वाली कंपनी ब्रांड्ज़ ने मारुति-सुज़ुकी को विश्व की शीर्ष 10 ऑटोमोबाइल कंपनियों में शुमार किया है. यह मुकाम हासिल करने वाली मारुति-सुज़ुकी पहली भारतीय कंपनी है. मारुति-सुज़ुकी को इस सूची में नौवां स्थान मिला है. इस सर्वे के मुताबिक मारुति-सुज़ुकी की ब्रांड वैल्यू 6,375 बिलियन डॉलर आंकी गई है. ब्रांड्ज ने मारुति-सुज़ुकी की इस उपलब्धि का मुख्य श्रेय कंपनी की प्रीमियम चेन नेक्सा को दिया है जो साधारण कीमतों में अपने ग्राहक को लग्ज़री फील देने वाली कारें उपलब्ध करवाती है. ब्रांड्ज की सूची में टोयोटा, मर्सिडीज़ बेंज, बीएमडब्ल्यू, फोर्ड, होंडा, निसान, ऑडी, टेस्ला, मारुति-सुज़ुकी और फॉक्सवैगन (ऑटोमेकर) क्रमबद्ध तौर से पहले से 10वें स्थान पर काबिज़ हैं. इस सर्वे में टोयोटा की ब्रांड वैल्यू 29, 987 बिलियन डॉलर और फॉक्सवैगन की ब्रांड वैल्यू 5,986 बिलियन डॉलर आंकी गई है.

मारुति-सुज़ुकी द्वारा इस सप्ताह हासिल की गई दूसरी उपलब्धि के बारे में बात करें तो इस गुरुवार को कंपनी ने तीन लाख ऑटो गियर शिफ्ट (एजीएस) या ऑटोमेटिक गियरबॉक्स वाली तीन लाख कारों की बिक्री का आंकड़ा पार कर लिया. आम बजट में ऑटोमेटिक कार उपलब्ध करवाने का सिलसिला मारुति ने 2014 में सेलेरियो के साथ शुरु किया था जो अब तक न सिर्फ जारी है बल्कि सम्मानजनक स्थिति में पहुंच चुका है. पिछले एक साल में लॉन्च हुईं सेडान डिज़ायर और नई हैचबैक स्विफ्ट ऑटोमेटिक के बाद कंपनी ने लोकप्रिय कॉम्पैक्ट एसयूवी विटारा ब्रेज़ा का ऑटोमेटिक वेरिएंट भी बाज़ार में पेश कर दिया है. मारुति-सुज़ुकी का कहना है कि वित्तीय वर्ष 2018-19 में वह दो लाख ऑटोमेटिक कारें बेचने का लक्ष्य लेकर चल रही है.

पिछले सप्ताह हासिल की गई मारुति की तीसरी उपलब्धि की बात करें तो कंपनी ने पिछले मई के मुकाबले इस साल कुल बिक्री में 26 फीसदी की बढ़त हासिल की है. कंपनी के इस बेहतर प्रदर्शन के लिए जानकार कॉम्पैक्ट कारों जैसे- सेलेरियो, इग्निस, बलेनो और डिज़ायर के साथ हालिया लॉन्च स्विफ्ट को श्रेय दे रहे हैं. मई -2017 के मुकाबले कंपनी ने इस सेगमेंट में 77,263 यूनिट की बिक्री के साथ 50.8 फीसदी बढ़ोतरी दर्ज की है. यदि कॉम्पैक्ट एसयूवी सेगमेंट की बात की जाए तो पिछले साल की तुलना में विटारा ब्रेज़ा की बिक्री 25,629 यूनिट के साथ 13.4 प्रतिशत बढ़ गई. हालांकि कंपनी की छोटी हैचबैक कारों के सेगमेंट में लगातार गिरावट जारी है. इस बार यह 3.1 फीसदी रही है. इस सेगमेंट में कंपनी की सबसे ज्यादा बिकने वाली कार रह चुकी ऑल्टो और वैगनआर जैसी गाड़ियां शामिल हैं.

वॉल्वो एक्ससी-40 की बुकिंग शुरु

स्वीडन की लग्ज़री कार निर्माता कंपनी वॉल्वो ने भारत में अपनी बिल्कुल नई एसयूवी एक्ससी-40 की बुकिंग शुरु कर दी है. एक्ससी-40 भारत में बेची जाने वाली कंपनी की सबसे सस्ती एसयूवी होगी जिसे चार जुलाई को देश के बाज़ार में उतारा जाएगा. भारत में यह कार हाल ही में लॉन्च की गई नई जनरेशन एक्ससी-60 से ठीक निचली रैंक की जगह लेगी. ख़बरों के मुताबिक इस कार को कंप्लीट बिल्ट यूनिट के तौर पर भारत में लाया जाएगा.

वॉल्वो ने एक्ससी-40 को बिल्कुल नए कॉम्पैक्ट मॉड्यूलर आर्किटेक्चर प्लेटफॉर्म पर तैयार किया है जो एक्ससी-90 और एक्सी-60 में इस्तेमाल किए गए स्केलेबल प्रोडक्ट आर्किटेक्चर प्लैटफॉर्म से अलग है. प्लेटफॉर्म के अलावा एक्ससी-40 में ज्यादातर फीचर्स एक्ससी-60 से ही लिए गए हैं. कार में स्टैंडर्ड पैनोरैमिक सनरूफ, वॉल्वो का सिग्नेचर वर्टिकल टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, हारमन कार्डन म्यूज़िक सिस्टम, एप्पल कार प्ले और एंड्रॉइड ऑटो जैसे फीचर्स हैं. साथ ही, इसमें हिल स्टार्ट असिस्ट और डीसेंट कंट्रोल जैसे फीचर्स भी मौजूद हैं. इसके अलावा कार में मल्टीफंक्शनल स्टीयरिंग व्हील और प्रीमियम क्वालिटी लैदर की अपहोल्स्ट्री दी गई है.

परफॉर्मेंस के लिहाज़ से कंपनी ने एक्ससी-40 में 2.0-लीटर का 4-सिलेंडर इंजन लगाया है जो 187 बीचपी की अधिकतम पॉवर के साथ 400 एनएम का पीक टॉर्क पैदा करने में सक्षम है. इसे 8-स्पीड ऑटोमेटिक गियरबॉक्स से लैस किया गया है. यह शानदार एसयूवी हाल्डेक्स ऑल-व्हील ड्राइव सिस्टम से लैस है. माना जा रहा है कि लॉन्च होने के बाद एक्ससी-40 का मुकाबला ऑडी क्यू-3, बीएमडब्ल्यू एक्स-1 और मर्सिडीज़ बेंज़ जीएलए से होने वाला है. यदि आप भी इस कार को घर लाना चाहते हैं तो पांच लाख रुपए देकर इसे अभी बुक करवा सकते हैं. माना जा रहा है कि इस कार की कीमत 35 से 40 लाख रुपए के बीच हो सकती है.

स्कोडा ने बुलट और ब्लास्ट प्रूफ कार तैयार की

अपने बेहतरीन और मजबूत उत्पादों के लिए दुनियाभर में मशहूर चेक गणराज्य की ऑटोमोबाइल कंपनी स्कोडा ने एक ऐसी कार पेश की है जो न सिर्फ गोलियों बल्कि बम धमाकों से भी अप्रभावित रहने में सक्षम है. ख़बरों के मुताबिक तीन साल के लंबे परीक्षण के बाद स्कोडा ने ‘सुपर्ब एस्टेट’ नाम की इस कार को तैयार कर लिया है. कंपनी ने इस कार को यूनाइटेड किंगडम की कंपनी ‘कन्वर्टर’ के साथ मिलकर बनाया है. सुपर्ब ऐस्टेट में इस्तेमाल किया गया वर्चुअल सिस्टम इस कार को अपने मौजूदा मॉडल से बिल्कुल अलग करता है. भारत में कई राज्‍यपालों के काफिले में इस कार के मौजूदा मॉडल को इस्तेमाल किया जा रहा है.

हालांकि कंपनी ने इस कार की ज्‍यादा खासियतों और फीचर्स से पर्दा नहीं उठाया है लेकिन, मिली जानकारी के अनुसार इस कार को इस तरह तैयार किया गया है कि यह गाड़ियों के लिए तय सुरक्षा मानक पीएएस 300 पर खरी उतर सके. एक प्रमुख ऑटोवेबसाइट के मुताबिक इस कार के सस्पेंशन और ब्रेकिंग को पहले से ज्यादा उन्नत किया गया है. इस कार के निर्माण में इस बात का भी खास ख्याल रखा गया है कि हाई स्पीड पर भी इसकी हैंडलिंग सटीक और स्थिर रहे. सुपर्ब एस्टेट को बॉम्बप्रूफ कार बनाने के लिए कंपनी ने खास डिज़ायन के साथ ऐसे पहियों का इस्तेमाल किया है जो धमाके से प्रभावित न हो सकें.

इसके अलावा कंपनी ने कार में इमरजेंसी लाइटिंग और सायरन सिस्टम के साथ 8-इंच टचस्क्रीन कम्यूनिकेशन्स हब दिया है जो जीपीएस, एप्पल कार प्ले और एंड्रॉइड ऑटो से लैस है. परफॉर्मेंस के लिहाज से देखें तो स्‍कोडा ने सुपर्ब एस्टेट को स्टैंडर्ड 2.0-लीटर टीडीआई इंजन के साथ पेश किया है जो 188 बीएचपी की अधिकतम पॉवर पैदा करने की क्षमता रखता है. कीमत की बात करें तो स्कोडा ने इस नई सुपर्ब ऐस्टेट को 118,688 यूरो यानी करीब 1.06 करोड़ रुपए की कीमत के साथ बाजार में पेश किया है.