पाकिस्तान के सिंध प्रांत में हिंदू महिलाओं को दोबारा शादी का अधिकार मिला | सोमवार, 28 मई 2018

पाकिस्तान के सिंध प्रांत में हिंदू महिलाओं को दोबारा शादी करने का अधिकार हासिल हो गया है. पिछली शादी टूटने या पति के निधन के छह महीने बाद वे दोबारा शादी के बंधन में बंध सकेंगी.

ख़बरों के मुताबिक सिंध प्रांत की विधानसभा ने शुक्रवार को सिंध हिंदू विवाह संशोधन कानून (2018) पारित किया है. इसी के तहत हिंदू महिलाओं को यह सुविधा दी गई है. इससे पहले तलाक़शुदा या विधवा हिंदू महिलाओं को दोबारा शादी की इजाज़त नहीं थी. इस कानून में बहुविवाह पर रोक भी लगाई गई है. इसके मुताबिक अगर पति-पत्नी साथ रह रहे हैं. उनमें से किसी एक का निधन नहीं हुआ है. उनका तलाक़ नहीं हुआ है तो उनमें से कोई भी दूसरी शादी नहीं कर सकता.

सॉफ्ट ड्रिंक्स दिग्गज कोका-कोला ने पहली बार हार्ड ड्रिंक बाजार में उतारा | मंगलवार, 29 मई 2018

अपने सॉफ्ट ड्रिंक्स के लिए मशहूर अमेरिका की कोका-कोला कंपनी अब हार्ड ड्रिंक्स के मैदान में भी उतर पड़ी है. उसने जापान में लेमन डू नाम से एक ड्रिंक बाजार में पेश किया है. माना जा रहा है कि कंपनी ने इसे बीयर को टक्कर देने के लिए बनाया है. लेमन फ्लेवर में उतारे गए 350 मिलीलीटर के कैन में तीन से सात फीसदी अल्कोहल होगा.

कोका-कोला के एक सदी से भी पुराने इतिहास में यह पहली बार है जब कंपनी बाजार में अल्कोहल वाले ड्रिंक्स पेश कर रही है. लेमन डू को अभी सिर्फ जापान में बेचा जाएगा और माना जा रहा है कि अगर यह सफल रहा तो दूसरे बाजारों में भी इसे लाया जा सकता है.

जापान : वैज्ञानिक शोध के नाम पर 120 से ज्यादा गर्भवती व्हेल मछलियों को मारा गया | बुधवार, 30 मई 2018

जापान में वैज्ञानिक शोध के नाम पर 120 व्हेल मछलियों को मार दिए जाने की खबर है. अंतरराष्ट्रीय मीडिया के मुताबिक ये सभी मछलियां गर्भवती थीं. एक नई रिपोर्ट के आधार पर बताया जा रहा है कि ऐसा अंटार्कटिक महासागर में मौजूद जलीय जीवन के अध्ययन के लिए किया गया है. इन मछलियों का जैविक नमूनों के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा.

ब्रिटिश अखबार द गार्डियन के मुताबिक 12 हफ्ते चले इस शिकार अभियान में दक्षिणी महासागर की 333 व्हेल मछलियों को पकड़ा गया था. उनमें से 181 मादाएं थीं जिनमें से 128 पूर्ण रूप से विकसित मादाएं थीं. खबर के मुताबिक इनमें से 122 गर्भवती थीं जबकि 53 पूरी तरह विकसित नहीं हो पाई थीं.

रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों पर यूक्रेन से हुए सौदे में करोड़ों की रिश्वत लेने का आरोप | गुरूवार, 31 मई 2018

यूक्रेन का एंटी-करप्शन ब्यूरो (एनएबी) अपने यहां एक सैन्य समझौते में कथित रूप से रिश्वत लिए जाने की जांच कर रहा है. द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक यह मामला सैन्य परिवहन विमान एन-32 के कलपुर्जों की खरीद से जुड़ा है. एनएबी को शक है कि भारत के रक्षा मंत्रालय के कुछ अधिकारियों ने कलपुर्जों की खरीद के इस सौदे में 17.55 करोड़ रुपये की रिश्वत ली है. एनएबी ने इस मामले की जांच के लिए अंतरराष्ट्रीय कानूनी सहायता के रूप में भारत के गृह मंत्रालय से मदद मांगी है. यूक्रेन की राजधानी कीएव स्थित भारतीय राजदूत के जरिये एनएबी ने गृह मंत्रालय से कहा है कि वह रक्षा मंत्रालय के उन अधिकारियों की पहचान बताए जो विमान की डील कराने में शामिल थे.

खबर के मुताबिक 26 नवंबर, 2014 को यूक्रेन की एक सरकारी कंपनी (स्पेटस्टेक्नोएक्सपोर्ट) ने रक्षा मंत्रालय (वायु सेना मुख्यालय) के साथ हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के साथ एक सौदे से जुड़े समझौते पर हस्ताक्षर किए थे. यह सौदा पुर्जों की आपूर्ति के लिए किया गया था. इसके कुछ समय बाद कंपनी ने ग्लोबल मार्केटिंग एसपी लिमिटेड नाम की एक और कंपनी से सौदा किया था. यूएई में रजिस्टर्ड इस कंपनी का मकसद इस सौदे को अमल में लाना था. अखबार के मुताबिक स्पेटस्टेक्नोएक्सपोर्ट ने ग्लोबल मार्केटिंग के दुबई स्थित खाते में 17.55 करोड़ रुपये ट्रांसफर भी कर दिए.

डेनमार्क में बुरक़ा-नक़ाब पर एक अगस्त से प्रतिबंध | शुक्रवार, 01 जून 2018

डेनमार्क की संसद ने गुरुवार को एक विधेयक पारित किया है. इसके तहत देश में एक अगस्त से बुरक़ा और नक़ाब पर पूर्ण प्रतिबंध लागू कर दिया गया है. संसद ने 75-30 के अंतर से इस कानून काे पारित किया.

ख़बरों के मुताबिक संसद के 74 सदस्यों ने इस विधेयक पर हुए मतदान में हिस्सा नहीं लिया. संसद में यह विधेयक डेनमार्क के सत्ताधारी गठबंधन ने पेश किया था. इस विधेयक पर हुई बहस के दौरान सरकार ने स्पष्ट किया कि यह क़दम किसी धर्म-विशेष के ख़िलाफ़ नहीं है. साथ ही बताया कि पगड़ी, साफा और टोपी पर किसी तरह का कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा. इस विधेयक के पारित होते ही डेनमार्क यूरोप के उन देशों की सूची में शामिल हो गया है जहां बुरक़े और नक़ाब पर पहले से प्रतिबंध है.

चीन द्वारा दक्षिण चीन सागर के सैन्यीकरण पर अमेरिका सख्त | शनिवार, 02 जून 2018

विवादित दक्षिण चीन सागर में चीन द्वारा मिसाइलें तैनात करने को लेकर अमेरिका के रक्षा मंत्री जिम मैटिस ने सख्त चेतावनी दी है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसारसिंगापुर में आयोजित सालाना शांगरी ला डायलॉग में शनिवार को उन्होंने कहा, ‘दक्षिण चीन सागर में चीन की नीति उस खुलेपन के खिलाफ है जिसे हमारी रणनीति प्रोत्साहित करती है, यह चीन के व्यापक लक्ष्यों पर भी सवाल खड़े करती है.’ जिम मैटिस ने आगे कहा कि चीन के दावों के विपरीत दक्षिण चीन सागर में हथियारों की तैनाती धमकी और जबरदस्ती के मकसद से सीधे सैन्य कार्रवाई से जुड़ी है.

रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी रक्षा मंत्री जिम मैटिस ने दक्षिणी चीन सागर के सैन्यीकरण के बुरे परिणामों को लेकर भी चेताया है. उन्होंने कहा कि अगर पड़ोसी देशों का भरोसा टूटा तो भविष्य में इसके बहुत व्यापक परिणाम होंगे. जिम मैटिस का यह भी कहना था कि डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन चीन के साथ सृजनात्मक और परिणामोन्मुख रिश्तों पर काम करना चाहता है लेकिन जरूरत पड़ी तो उसके साथ ‘मुकाबला’ भी करेगा.