मध्य प्रदेश में 60 लाख फर्जी मतदाताओं के होने की बात सामने आई है. इस खबर को आज के कई अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. कांग्रेस ने राज्य की सत्ताधारी पार्टी भाजपा पर मतदाता सूची में धांधली करने का आरोप लगाया है. उसने चुनाव आयोग से इसकी जांच करने की मांग भी की है. पार्टी का कहना है कि बीते 10 साल में राज्य की आबादी में 24 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है, लेकिन मतदाता 40 फीसदी बढ़ गए हैं. बताया जाता है कि आयोग ने इसके लिए चार टीम गठित की है.

उधर, यात्री ट्रेनों की लेटलतीफी को लेकर रेलमंत्री पीयूष गोयल की सख्ती भी अखबारों की प्रमुख सुर्खियों में शामिल है. रेल मंत्री ने इस स्थिति में सुधार के लिए सभी जोनल महाप्रबंधकों को 30 जून तक का वक्त दिया है. खबरों की मानें तो इसमें सुधार न होने पर संबंधित अधिकारियों की पदोन्नति रोक दी जाएगी. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पीयूष गोयल से ट्रेनों की देरी वजह के बारे मे पूछा था.

बैंकों द्वारा ग्राहकों को दी जाने वाली मुफ्त सेवाएं जीएसटी से बाहर : केंद्र सरकार

केंद्र सरकार ने बैंकों द्वारा ग्राहकों को दी जाने वाली मुफ्त सेवाओं को वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) के दायरे से बाहर बताया है. बिजनेस स्टैंडर्ड की खबर के मुताबिक एटीएम चार्ज, डेरिवेटिव्स और वायदा अनुबंधों पर भी जीएसटी नहीं वसूला जा सकता. बताया जाता है कि केवल सेवा शुल्क या ब्रोकरेज ही जीएसटी के दायरे में आएंगे. इससे पहले जीएसटी खुफिया महानिदेशालय ने निजी, अंतरराष्ट्रीय और सार्वजनिक क्षेत्र के 20 बैंकों को नोटिस भेजकर जुलाई, 2012 से जून 2017 के बीच मुफ्त सेवाओं के लिए सेवा शुल्क, जुर्माना और ब्याज भरने को कहा था. इसके बाद ही बैंकों द्वारा दी जारी रही मुफ्त सेवाओं पर जीएसटी को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हुई थी. बताया जाता है कि सरकार ने ऐसे संकेत दिए हैं कि यह नोटिस अब वापस लिया जा सकता है.

केंद्र सरकार ने राज्यों से रोहिंग्याओं के खिलाफ सख्त कदम उठाने को कहा

केंद्र सरकार ने राज्यों से रोहिंग्याओं के खिलाफ सख्त कदम उठाने को कहा है. अमर उजाला ने इस खबर को पहले पन्ने पर जगह दी है. अखबार के मुताबिक गृह मंत्रालय ने सभी राज्य सरकारों को पत्र लिखकर रोहिंग्याओं के अवैध तरीके से प्रवेश पर रोक लगाने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा है. इसके लिए इनकी पहचान की जांच करने सहित पांच निर्देश दिए गए हैं. साथ ही, इस पर जल्द ही रिपोर्ट देने को भी कहा है. अपने पत्र में मंत्रालय ने कहा है कि रोहिंग्या सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती हैं और कई अवैध गतिविधियों में इनके शामिल होने की बात सामने आ चुकी है.

उपचुनावों में हार के बाद भाजपा ने राजग के घटक दलों को विश्वास में लेने की कोशिशें शुरू की

विपक्ष में बढ़ती एकता और उपचुनावों में हार के बाद भाजपा ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के घटक दलों को विश्वास में लेने की कोशिशें शुरू कर दी हैं. हिन्दुस्तान में छपी खबर के मुताबिक भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने रविवार को लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) प्रमुख रामविलास पासवान से मुलाकात की. अखबार की मानें तो दोनों के बीच बैठक में दलित मुद्दों के साथ बिहार के विशेष राज्य का दर्जा देने पर भी बातचीत की गई. बताया जाता है कि हालिया उपचुनावों के बाद राजग के घटक दलों ने भाजपा पर दबाव बढ़ाना शुरू कर दिया है. शिवसेना के अलावा अन्य दलों ने गठबंधन के भीतर बातचीत और समन्वय बढ़ाने की मांग की थी. शिवसेना पहले ही 2019 के चुनाव में गठबंधन से अलग होने का ऐलान कर चुकी है.

सरकार हर किसी को व्यक्तिगत स्तर पर सुरक्षा उपलब्ध नहीं करवा सकती : भाजपा नेता

गोवा में 20 वर्षीय महिला के साथ कथित सामूहिक बलात्कार का मामला सामने आने के बाद प्रदेश भाजपा महिला शाखा की अध्यक्षा सुलक्षणा सावंत ने विवादास्पद बयान दिया है. द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा, ‘सरकार हर किसी को व्यक्तिगत स्तर पर सुरक्षा उपलब्ध नहीं करवा सकती. हमें लोगों की मानसिकता बदलने की जरूरत है.’ उधर, कांग्रेस ने सुलक्षणा सावंत के इस बयान को बेतुका बताया है. साथ ही, उनसे नैतिकता के स्तर पर इस्तीफा देने की मांग भी की है.