ग्वाटेमाला के सक्रिय ज्वालामुखी वोल्कन डे फुगो में रविवार को हुए विस्फोट से मारे गए लोगों की संख्या बढ़कर 65 पर पहुंच गई है. इससे प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव का काम कर रही संस्था के प्रवक्ता का कहना है कि इस प्राकृतिक आपदा में 46 लोग घायल भी हुए हैं जिनमें ज्यादातर की हालत गंभीर है. खबरों के मुताबिक ज्वालामुखी फटने से करीब 17 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं और तीन हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित जगहों पर जाने के लिए कहा गया है.

यह ज्वालामुखी राजधानी ग्वाटेमाला सिटी से महज 40 किलोमीटर दूर है. राहत और बचाव दल के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि इस इलाके में अब भी गर्म लावा फैला हुआ है. साथ ही धुएं और गर्मी की वजह से लोगों तक राहत पहुंचाने में दिक्कत आ रही है. कई लोग अब भी लापता हैं ऐसे में मरने वालों की संख्या में और बढ़ोतरी हो सकती है.

करीब 3763 मीटर ऊंचा यह ज्वालामुखी में रविवार को फटा था. इसके बाद आसपास के इलाकों में राख और धुएं के बादल छा गए थे. विस्फोट से प्रभावित इलाकों का दौरा करने के बाद ग्वालेमाला के राष्ट्रपति जिमी मोरेल्स पहले ही तीन दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा कर चुके हैं. इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस आपदा पर शोक जाहिर करते हुए पीड़ितों के साथ अपनी संवेदनाएं जताई हैं. उन्होंने यह भी कहा है कि संस्था राहत और बचाव के काम में हर तरह से सहायता देने के लिए तैयार है.