दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने कांग्रेस नेता शशि थरूर को उनकी पत्नी सुनंदा पुष्कर की संदिग्ध मौत के मामले में सात जुलाई को अदालत में हाजिर होने का समन भेजा है. द टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार अदालत ने दिल्ली पुलिस की चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए उन्हें यह समन भेजा है, जिसमें उन्हें सुनंदा पुष्कर को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोपित बनाया गया है. पुलिस ने लगभग चार साल बाद बीते महीने यह चार्जशीट पेश की थी.

रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली पुलिस ने 3,000 पेज की चार्जशीट में शशि थरूर पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा-306 (खुदकुशी के लिए उकसाने) और धारा-498ए (पत्नी के साथ क्रूरता) जैसी धाराओं के तहत आरोप लगाए थे. सुनंदा पुष्कर जनवरी 2014 में दिल्ली के मशहूर होटल लीला के सुइट संख्या 345 में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गई थीं. शशि थरूर और सुनंदा पुष्कर ने 22 अगस्त, 2010 को शादी की थी. दिल्ली पुलिस ने 2015 में अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था लेकिन उसने अपनी चार्जशीट में इसे खुदकुशी का मामला माना है.

इस बीच शशि थरूर के अधिवक्ता विकास पहवा ने अदालत के समन के खिलाफ सभी कानूनी उपायों को अजमाने की बात कही है. समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार उन्होंने कहा, ‘चूंकि कोई अपराध नहीं हुआ है और अभियोजन पक्ष का मामला बेतुका और अनर्गल होने के साथ सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के खिलाफ भी है, इसलिए हम चार्जशीट से निपटने के लिए कानूनी कार्रवाई करेंगे.’ उन्होंने यह भी कहा कि अदालत से चार्जशीट की कॉपी मांगी गई है, जिसे देखने के बाद ही अगले कदम के बारे में कोई फैसला किया जाएगा. बीते महीने चार्जशीट पेश होने के बाद शशि थरूर ने भी कहा था, ‘अक्टूबर 2017 में दिल्ली हाई कोर्ट में सरकारी वकील ने कहा कि इस मामले में किसी के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला है. अब छह महीने बाद बता रहे हैं कि मैंने आत्महत्या के लिए उकसाया था. यह भरोसा करने लायक नहीं है.’