विश्‍व बैंक ने पाकिस्‍तान को झटका देते हुए उसे किशनगंगा बांध परियोजना पर भारत का प्रस्‍ताव मानने को कहा है. भारत ने इस परियोजना के आकलन के लिए किसी तटस्‍थ विशेषज्ञ की नियुक्ति का प्रस्ताव दिया था. विश्व बैंक ने इससे सहमति जताई है.

पाकिस्‍तान इस मामले को अंतराष्‍ट्रीय मध्‍यस्‍थता अदालत में ले जाना चाहता था. वह झेलम की सहायक नदी किशनगंगा पर बांध बनाने का विरोध कर रहा है. उसका कहना है कि ये दोनों देशों के बीच हुए 1960 में हुए सिंधु जल समझौते का उल्लंघन है. उधर, भारत उसके इस आरोप को खारिज करता रहा है. उसकी दलील है कि वह इस परियोजना को समझौते के नियमों का पालन करते हुए ही बना रहा है. भारत के मुताबिक न तो वह इस परियोजना के लिए पानी का प्रवाह रोक रहा है और न ही उसे कहीं और ले जा रहा है. हाल ही में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किशनगंगा परियोजना का उद्घाटन किया था तो पाकिस्‍तान ने इस पर भी आपत्‍त‍ि जताई थी. तब भी विश्व बैंक उसकी यह आपत्ति खारिज करते हुए मामले में दखल देने से इनकार कर दिया था.