विपक्षी एकता के सामने भारतीय जनता पार्टी को उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में लगातार लोक सभा उपचुनाव में हार मिली है. वहीं कर्नाटक में सबसे बड़ी पार्टी होकर भी वह सरकार नहीं बना पाई. जबकि एक साल बाद लोक सभा चुनाव हैं. ऐसे में ज़ाहिर तौर भाजपा इस वक़्त दबाव में है. केंद्र में सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के घटक दलों के प्रमुखों तक पहुंचने की भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की कोशिश से भी यह बात साबित होती है.

ख़बरों के मुताबिक सहयोगी दलों तक पहुंचने की कोशिश के पहले चरण में शाह बुधवार को शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से मिल रहे हैं. दोनों नेताओं की मुलाकात मुंबई में ठाकरे के निवास ‘मातेश्री’ में हो रही है. द हिंदू से बातचीत में शिवसेना के सांसद संजय राउत ने इस मुलाकात की पुष्टि की है. उनके मुताबिक मुलाकात की पहल शाह की तरफ से हुई थी. उन्होंने ही उद्धव से मिलने का वक़्त मांगा था.

बताया जाता है इसके बाद गुरुवार को शाह का अकाली दल के प्रमुख प्रकाश सिंह बादल से मिलने का कार्यक्रम है. यह मुलाकात चंडीगढ़ में होने वाली है. इसमें पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री और प्रकाश सिंह बादल के पुत्र सुखबीर भी मौज़ूद रह सकते हैं. गुरुवार को ही बिहार भाजपा के प्रमुख नित्यानंद राय ने एनडीए के घटक दलों के नेताओं की बैठक बुलाई है. इसमें भी शाह मौज़ूद रहने की कोशिश कर सकते हैं.

बिहार में होने वाली बैठक में जेडीयू प्रमुख मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, लोक जनशक्ति पार्टी के प्रमुख रामविलास पासवान, राष्ट्रीय लोकसमता पार्टी के उपेंद्र कुशवाहा और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव भूपेंद्र यादव भी मौज़ूद रह सकते हैं. ग़ौरतलब है कि शिवसेना महाराष्ट्र में भाजपा से अलग होकर चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुकी है. अकाली दल ओर जेडीयू भी कुछ वादे पूरे न होने के कारण भाजपा से नाराज़ बताए जाते हैं.