लाेक सभा और विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने के मामले में उत्तर प्रदेश ने अपनी सहमति दे दी है. ख़बरों के मुताबिक प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य विधानसभा के चुनाव लोक सभा के साथ कराने पर विचार के लिए समिति बनाई थी. इस समिति ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है जिसमें इस विचार के समर्थन में सुझाव दिए गए हैं.

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक योगी सरकार इस रिपोर्ट को अब केंद्र के पास भेज रही है. सात सदस्यीय समिति द्वारा तैयार इस रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि जिन राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल 31 दिसंबर 2021 तक ख़त्म हो रहा है उनके चुनाव 2019 के लोक सभा चुनाव के साथ कराए जा सकते हैं. वहीं जिन विधानसभाओं के कार्यकाल 2021 के बाद ख़त्म हो रहे हैं उन्हें आगे बढ़ाकर वहां 2024 के लोक सभा चुनाव के साथ चुनाव कराए जा सकते हैं.

योगी आदित्यनाथ सरकार ने यह समिति इसी साल मार्च में बनाई थी. इस समिति की रिपोर्ट पर अगर अमल हुआ तो उत्तर प्रदेश, गुजरात, पंजाब, कर्नाटक जैसे राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल एक से दो साल तक बढ़ाया जा सकता है. जबकि बिहार, पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर, तमिलनाडु जैस राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल कम कर के उनके चुनाव 2019 में ही कराए जा सकते हैं. वैसे यह इतना आसान भी नहीं होगा क्योंकि बिहार, पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर, तमिलनाडु की ग़ैरभाजपा सरकारों को इस पर राजी करना होगा. कुछ कानूनी संशोधन भी करने हाेंगे.

हालांकि इस समिति से जुड़े एक सूत्र की मानें तो 31 दिसंबर 2021 को ‘तार्किक तारीख़’ माना जा सकता है. इसकी वज़ह ये है कि यह चार जून 2019 से तीन जून 2024 के ठीक बीच में पड़ती है. यहां बताते चलें कि चार जून 2019 को मौज़ूदा लोक सभा का कार्यकाल ख़त्म हो रहा है. जबकि तीन जून 2024 को अगली लोक सभा (जो 2019 में चुनी जाएगी) का कार्यकाल ख़त्म होगा. इसीलिए इसके बीच की तारीख़ को चुना गया है.