महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सहयोगी शिवसेना ने कहा है कि साल 2019 का आम चुनाव वह अकेले ही लड़ेगी. शिव सेना ने यह घोषणा अपने मुखपत्र ‘सामना’ के जरिये की है. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक भाजपा पर निशाना साधते हुए सामना के एक आलेख में कहा गया है कि भाजपा आज ‘समर्थन के लिए संपर्क’ अभियान चला रही है, लेकिन पार्टी का जनाधार खत्म हो रहा है. साथ ही भाजपा के दूसरे सहयोगी दल भी उसका साथ छोड़ते जा रहे हैं.

सामना में आगे लिखा है कि आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू भाजपा का साथ पहले ही छोड़ चुके हैं. वहीं आगामी आम चुनाव के दौरान जेडीयू नीतीश कुमार को ​बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का प्रमुख चेहरा बनाकर उनके नाम पर वोट पाना चाहती है. मौजूदा समय में प्रधानमंत्री की छवि ‘पोस्टर ब्वाय’ तक सीमित रह गई है. ऐसे में शिव सेना का भाजपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ना अपने जनाधार को खतरे में डालने जैसा होगा.

शिव सेना काफी लंबे अरसे से भाजपा से नाराज़ चल रही है. इस बीच उसे मनाने के लिए बुधवार को पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे के साथ भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह की एक मुलाकात होने वाली है. मुलाकात से पहले ही अमित शाह कह चुके हैं कि दोनों दलों के बीच रिश्ता बरकरार रहना चाहिए.

वैसे यह पहला मौका नहीं है जब शिवसेना ने अपने दम पर अगला आम चुनाव लड़ने की बात कही है. यह फैसला इसी साल जनवरी में पार्टी कार्यकारिणी की बैठक के दौरान किया गया था. तब पार्टी नेता संजय राउत ने एनडीए से अलग होकर 2019 का आम चुनाव अकेले अपने दम पर लड़ने का प्रस्ताव रखा था जिसे सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी गई थी. उस वक्त उद्धव ठाकरे ने अपने संबोधन में यह भी कहा था कि शिवसेना देशभर में ‘हिंदुत्व’ के मुद्दे पर चुनाव लड़ेगी.