क्या आप भी इंटरनेट पर वायरल हुई किसी तस्वीर, कहानी या फिर खबर पर अक्सर विश्वास कर लेते हैं? अगर हां तो हाल ही में स्पेन में जो हुआ उसे जानना बाकी करोड़ों लोगों की तरह आपके लिए भी जरूरी है.

बीते दो जून को एक ट्वीट में पुलिस को संबोधित करते हुए एक ट्विटर यूजर मिस्टर ब्राइटसाइड ने लिखा, ‘मैंने ट्विटर के ज़रिए एक अपराध का पता लगा लिया है. आप इस पर तुरंत कदम उठाएं.’ और उसके बाद लगभग सौ से ज़्यादा ट्वीट करते हुए उन्होंने तमाम सबूतों के साथ एक मर्डर की सारी मिस्ट्री खोलकर रख दी. सबूतों के लिए उन्होंने मारे गए जॉर्ज नाम के एक व्यक्ति और उसके दोस्तों के ट्विटर अकाउंट्स का इस्तेमाल किया था.

यह कहानी इतने सलीके से सुनाई गई थी कि लाखों लोगों ने इस पर तुरंत यकीन कर लिया. इसके बाद 20 लाख से ज़्यादा लोगों ने इन ट्वीट्स पर प्रतिक्रिया दी. यहां तक कि पुलिस ने भी इसमें दिलचस्पी लेते हुए ट्वीट किया कि, ‘आपकी रिसर्च हमारे इनवेस्टिगेटर्स की रिपोर्ट से मेल खाती है.’

थ्रेड के वायरल होने के दो दिन बाद मेड्रिड के एक ग्राफिक डिज़ायनर मोडेस्टो गार्शिया ने सामने आकर बताया कि यह सब उनके दिमाग की उपज थी. और ऐसा उन्होंने ट्विटर स्पेन की एक प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए किया था. इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वालों को ट्विटर थ्रेड के ज़रिए एक कहानी सुनानी थी.

प्रतियोगिता के लिए गार्शिया द्वारा बनाई सिर्फ यह कहानी ही झूठी नहीं थी बल्कि इसके सारे पात्र भी झूठे ही थे. जॉन और उसके दो दोस्तों का चेहरा मोडेस्टो गार्शिया ने अपने चेहरे को अपने दोस्तों के चेहरों के साथ मिलाकर तैयार किया था. यहां तक कि उन्होंने एक तथाकथित हत्यारे के साथ ट्विटर मैसेजेस के ज़रिए की गई अपनी बातचीत को भी सोशल मीडिया पर साझा किया था. इसमें उसने अपना अपराध लगभग मान ही लिया था.

हालांकि गिनती के ही सही लेकिन कुछ लोगों ने गार्शिया के झूठ को पहचान लिया था. इसकी एक वजह यह थी कि उन्होंने सारे फेक सोशल मीडिया प्रोफाइल्स को किसी एक ही दिन बनाया था. इसके अलावा मिस्टर ब्राइटसाइड ने इस कहानी से जुड़े आखिरी ट्वीट में ट्विटर प्रतियोगिता से जुड़े हैशटैग #थ्रेडफेस्टिवल का भी इस्तेमाल किया था.

लेकिन लाखों लोगों ने उनकी कहानी पर यकीन कर लिया. इसकी एक वजह यह भी थी कि पुलिस ने भी काफी हल्के-फुल्के तरीके से गार्शिया का समर्थन कर दिया था. इस वजह से दुनिया भर से स्पैनिश बोलने वाले लोगों ने मिस्टर ब्राइट को लिखा. उधर बीबीसी से बातचीत में मोडेस्टो गार्शिया का कहना था कि ‘मैंने बस 200 लोगों की प्रतिक्रियाओं की उम्मीद की थी. इस पूरी घटना से सीखने को यही मिलता है कि हमें इंटरनेट पर मौजूद हर चीज़ पर यकीन नहीं करना चाहिए.’

गार्शिया की बात बिलकुल सही है. कुछ समय पहले ऐसा ही कुछ इंग्लैंड में भी हुआ था. यहां ट्रिपएडवाइजर जैसी रेटिंग देने वाली वेबसाइट ने एक ऐसे रेस्टोरेंट को लंदन का नंबर वन रेस्टोरेंट बना दिया था जो असल में था ही नहीं.