‘राजनीति में युद्ध जैसे हालात हैं.’

— सुखबीर सिंह बादल, शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष

शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल का यह बयान राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के घटक दलों से अपने मतभेद सुलझाने की अपील करते हुए आया. उन्होंने कहा, ‘अगले साल आम चुनाव होना है, इसके लिए एनडीए को मजबूत करने की जरूरत है.’ भाजपा के साथ अपनी पार्टी के गठबंधन पर सुखबीर सिंह बादल का कहना था कि दोनों दल स्वाभाविक सहयोगी हैं, उनके बीच कोई सौदेबाजी वाला रिश्ता नहीं है. एनडीए के अन्य सहयोगी दलों से भाजपा के रिश्ते को लेकर उन्होंने कहा कि ज्यादातर सहयोगियों के लिए उनके राज्यों में भाजपा नहीं, कांग्रेस मुख्य विरोधी पार्टी है. पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही अगले आम चुनाव में एनडीए की अगुवाई करेंगे.

‘भाजपा 2019 में ही उत्तर प्रदेश विधानसभा का भी चुनाव करवा ले.’

— अखिलेश यादव, सपा अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री

सपा प्रमुख अखिलेश यादव का यह बयान उत्तर प्रदेश की आदित्यनाथ सरकार द्वारा लोक सभा और विधानसभा का चुनाव साथ-साथ कराने पर सहमति जताए जाने पर आया. उन्होंने कहा, ‘हमें वोटर लिस्ट को आधार से जोड़ने को लेकर कोई परेशानी नहीं है.’ हालिया उपचुनावों के नतीजों को लेकर अखिलेश यादव ने कहा कि यह बहुत अहम चुनाव था, इसमें जनता के फैसले ने सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश दिया है. आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधते हुए पूर्व मुख्यमंत्री का कहना था कि उनकी सरकार ने 19 महीने में एक्सप्रेसवे बना दिया था लेकिन इस सरकार ने इतना वक्त तो फाइलें पलटने में निकाल दिया.


‘भारत के युवा नौकरी पैदा करने वाले बन रहे हैं.’

— नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह बयान स्टार्टअप शुरू करने वाले उद्यमी युवाओं से चर्चा के दौरान आया. भारत को युवा देश बताते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार देश के विकास में इसका लाभ लेने के लिए प्रतिबद्ध है. स्टार्टअप क्षेत्र में उम्दा प्रदर्शन करने के लिए पर्याप्त पूंजी, साहस और लोगों से संपर्क को जरूरी बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘एक समय था जब डिजिटल और तकनीकी नवाचार को ही स्टार्टअप माना जाता था लेकिन अब चीजें बदल रही हैं, अलग-अलग क्षेत्रों में स्टार्टअप खुल रहे हैं.’ उनके मुताबिक स्टार्टअप अब केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि छोटे शहर और गांव भी स्टार्टअप सेंटर के रूप में गुलजार हो रहे हैं.


‘आजकल युवा अपने दम पर नहीं, बल्कि पारिवारिक पृष्ठभूमि के चलते राजनीति में आ रहे हैं.’

— नीतीश कुमार, बिहार के मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का यह बयान अपरोक्ष रूप से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव के साथ परिवारवाद पर तंज करते हुए आया. उन्होंने कहा कि जब ऐसे युवाओं को मौका मिलता है तो वे पैसा कमाने में लग जाते हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा, ‘लोग बिहार की मौजूदा परिस्थितियों के बारे में पूछते हैं. पता नहीं वे मुझसे क्या सुनना चाहते हैं. मैं लोकतंत्र को मजबूत बनाने वाली चीजों पर ही बोलता हूं.’ इसके जवाब में ट्विटर पर राजद नेता तेजस्वी यादव ने लिखा कि अगर नीतीश चाचा में नैतिकता और आत्मबल बचा हो तो आज ही हलफनामा दे दें कि उनका बेटा कभी भी राजनीति में नहीं आएगा.


‘हम बात जरूर करें, शायद तब और ज्यादा जब हमारे विचार बिल्कुल ही मुख्तलिफ हों.’

— अंगेला मेर्कल, जर्मनी की चांसलर

जर्मनी की चांसलर अंगेला मेर्कल का यह बयान रूस और अमेरिका जैसे देशों से मतभेद के बावजूद बातचीत की वकालत करते हुए आया. आगामी जी-7 सम्मेलन को लेकर उन्होंने कहा, ‘निश्चित तौर पर इसमें मैं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ ईरान समझौते और व्यापार शुल्क सहित सभी मौजूदा मुद्दों पर बात करूंगी.’ अंगेला मेर्कल ने जोर देकर कहा कि जी-7 सम्मेलन में यूरोपीय नेताओं के बीच मतभेद उभर सकते हैं. फ्रांस के राष्ट्रपति एमानुएल माक्रों के विचारों का समर्थन करते हुए जर्मनी की चांसलर का कहना था कि यूरोपीय संघ और यूरो जोन को ज्यादा एकजुटता से काम करना चाहिए. जी-7 सम्मेलन 8-9 जून को कनाडा में प्रस्तावित है.