भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने आज मुंबई में माधुरी दीक्षित, रतन टाटा और शिव सेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से मुलाकात की है. भाजपा ने 2019 के लोक सभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए ‘संपर्क फॉर समर्थन’ नाम से एक अभियान शुरू किया है जिसके तहत पार्टी के नेता अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़ी शख्सियतों से मुलाकात कर रहे हैं. अमित शाह इसी सिलसिले में इन लोगों से मिले हैं और सोशल मीडिया पर इसकी काफी चर्चा है. इसके साथ ही ट्विटर पर Sampark for Samarthan ट्रेंडिंग टॉपिक में शामिल हुआ है.

सोशल मीडिया में भाजपा समर्थकों ने जहां माधुरी दीक्षित और रतन टाटा से अमित शाह की मुलाकात की तस्वीरें शेयर की हैं, तो वहीं भाजपा विरोधियों और अन्य लोगों ने भाजपा अध्यक्ष की इन मुलाकातों पर सवाल भी खड़े किए हैं. एक यूज़र ने लिखा है कि अगर भाजपा ने बीते 48 महीनों में देश का विकास किया होता तो अमित शाह को खास लोगों से मुलाकात की जरूरत नहीं पड़ती.

देश के कई राज्यों में इस समय किसान आंदोलन चल रहा है. फेसबुक और ट्विटर पर इसके जिक्र के साथ भी अमित शाह के इस संपर्क अभियान पर टिप्पणियां आई हैं. वरिष्ठ पत्रकार निखिल वागले का ट्वीट है, ‘भाजपा अध्यक्ष अमित शाह माधुरी दीक्षित, कपिल देव और दूसरी हस्तियों से मिलने में व्यस्त हैं. छह दिनों से हड़ताल कर रहे किसानों से वे कब मिलेंगे?’

आज ही शिव सेना ने अपने मुखपत्र सामना के जरिए ऐलान किया है कि वह भाजपा के साथ गठबंधन नहीं करेगी और 2019 का चुनाव अकेले लड़ेगी. भाजपा अध्यक्ष और शिव सेना प्रमुख उद्धव ठाकरे की आज होने जा रही मुलाकात के हवाले से सोशल मीडिया में इस खबर की भी खूब चर्चा है.

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की इन प्रसिद्ध हस्तियों से हुई मुलाकातों पर सोशल मीडिया में आई प्रतिक्रियाएं :

गप्पिस्तान रेडियो | @GappistanRadio

मेरे ख्याल से अमित शाह चुनावों से ऊब गए थे इसलिए आजकल कपिल, देव, माधुरी दीक्षित, लता मंगेशकर जी जैसी हस्तियों के साथ समय बिता रहे हैं.

अनऑफीशियल सुसुस्वामी | @swamv39

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह अपने संपर्क फॉर समर्थन अभियान के तहत मुंबई के एक गरीब किसान से मिलते हुए :

मुर्तजा इंडियन |‏ @murtuzaspeaks

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह शिव सेना से अभी और 2019 के लिए गठबंधन बनाए रखने की फरियाद कर रहे हैं... उस कथित मोदी लहर का क्या हुआ?

आचार्य प्रमोद | @AcharyaPramodk

उद्धव ठाकरे योगी (आदित्यनाथ) जी को ‘भोगी’ और ‘ढोंगी’ बताते हैं और अमित शाह ‘शुक्रिया’ अदा करने, उनके घर जाते हैं. सत्ता जाने का ‘डर’ कितना डरा देता है.

सतीश आचार्य | @satishacharya

‘बाबा, क्या मुलाकात के पहले ये मुखौटा पहनना जरूरी है!’