संयुक्त राष्ट्र संघ की रिपोर्ट ने बीते साल भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के बारे में चिंताजनक खबर दी है. यूएन कॉन्फ्रेंस ऑन ट्रेड एंड डेवलपमेंट (यूएनसीटीएडी) की वर्ल्ड इनवेस्टमेंट रिपोर्ट-2018 के मुताबिक भारत में 2017 में आई एफडीआई 2016 की तुलना में नौ फीसदी कम रही. 2017 में बाहर से कुल 40 बिलियन डॉलर (मौजूदा विनिमय दर के आधार पर 2.68 लाख करोड़ रुपये) का निवेश आया जो 2016 में 44 बिलियन डॉलर था.

वहीं, 2017 में भारत से बाहर जाने वाला निवेश 11 अरब डॉलर रहा जो 2016 के मुकाबले दोगुना है. रिपोर्ट के मुताबिक भारत की प्रमुख तेल कंपनी ऑयल एंड नेचुरल गैस कार्पोरेशन (ओएनजीसी) ने हाल के वर्षों में विदेशों में काफी सक्रियता के साथ निवेश किया है. 2017 के अंत तक 18 देशों में ओएनजीसी के 39 प्रोजेक्ट थे जो रोजाना 2.85 लाख बैरल तेल या उसके बराबर गैस उत्पादित करने में सक्षम थे. रिपोर्ट के मुताबिक विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में चीन, दक्षिण अफ्रीका और सिंगापुर के बाद भारत अफ्रीका में चौथा सबसे बड़ा निवेशक है.

वर्ल्ड इनवेस्टमेंट रिपोर्ट-2018 के मुताबिक 2017 में वैश्विक स्तर पर भी एफडीआई प्रवाह में 23 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है. यूएनसीटीएडी के महासचिव मुखीसा किटुई ने कहा, ‘एफडीआई में गिरावट और ग्लोबल वैल्यू चेन्स में मंदी पूरी दुनिया में नीति निर्माताओं और खास तौर पर विकसित देशों के लिए चिंता का प्रमुख विषय है.’