‘चुनाव हिंदुओं और मुसलमानों के बीच जंग होती है.’

— बसनगौड़ा एस पाटिल, कर्नाटक के भाजपा विधायक और पूर्व केंद्रीय मंत्री

भाजपा नेता बसनगौड़ा एस पाटिल का यह बयान मुस्लिम समुदाय को लेकर अपनी हालिया टिप्पणी को सही ठहराते हुए आया. सोमवार को बीजापुर में उन्होंने कहा था, ‘हिंदुओं ने मुझे वोट दिया, मैं हिंदु समुदाय के लिए काम करूंगा, मुस्लिमों के लिए नहीं.’ बसनगौड़ा एस पाटिल ने यह भी कहा था कि उन्हें मुस्लिमों के कभी वोट नहीं मांगा, क्योंकि उन्हें हिंदुओं पर भरोसा है. उन्होंने स्थानीय पार्षदों से बुर्का पहनने वाली महिलाओं, दाढ़ी रखने और टोपी लगाने वाले पुरुषों को अपने ऑफिस के आसपास न आने देने की अपील की थी.

‘भारतीय राष्ट्रवाद न तो खास है, न आक्रामक और न ही विनाशकारी.’

— प्रणब मुखर्जी, भारत के पूर्व राष्ट्रपति

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का यह बयान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यक्रम में महात्मा गांधी के हवाले से राष्ट्रवाद को परिभाषित करते हुए आया. जवाहरलाल नेहरू की किताब ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया’ के हवाले से उन्होंने कहा, ‘मैं इस बात से सहमत हूं कि भारत में राष्ट्रवाद केवल हिंदू, मुस्लिम, सिख और अन्य समूहों के वैचारिक एकीकरण से ही आ सकता है.’ पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने आगे कहा कि भारत के राष्ट्रवाद को रूढ़ि, पहचान, धर्म, क्षेत्र, नफरत या असहनशीलता के रूप में परिभाषित करने की कोई भी कोशिश केवल इसे कमजोर ही करेगी. पूर्व राष्ट्रपति के मुताबिक भारत की राष्ट्रीय पहचान मेल-मिलाप की एक लंबी प्रक्रिया से बनी है, संस्कृति और आस्था की विविधता उसे खास और सहनशील बनाती है.


‘बच्चे आसानी से गुमराह किए जा सकते हैं, इसीलिए हमने उनके खिलाफ पत्थरबाजी के मामले वापस लिए हैं.’

— राजनाथ सिंह, केंद्रीय गृहमंत्री

केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह का यह बयान जम्मू-कश्मीर में पत्थरबाजी करने वाले युवाओं से सही रास्ते पर चलने की अपील करते हुए आया. श्रीनगर में उन्होंने कहा, ‘दिल्ली में मुलाकात के दौरान अफसान आशिक (कश्मीरी फुटबॉलर) ने बताया कि पहले वह भी पत्थरबाजी में शामिल थी लेकिन खेल ने उसकी जिंदगी बदल दी.’ राजनाथ सिंह ने आगे कहा कि खेल बच्चों की जिंदगी में बड़ा बदलाव ला सकता है. गृहमंत्री ने यह भी कहा कि अलगाववादी नेता जो भी राजनीति करें लेकिन उन्हें युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं करना चाहिए. केंद्रीय मंत्री के मुताबिक तमाम बाधाओं के बावजूद केंद्र ने कश्मीर में शांति कायम करने के मकसद को नहीं छोड़ा है.


‘राष्ट्रीय लोक समता पार्टी नीतीश कुमार को बिहार में अपना नेता नहीं मान सकती है.’

— नागमणि, राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (आरएलएसपी) के कार्यवाहक अध्यक्ष

आरएलएसपी के कार्यवाहक अध्यक्ष नागमणि का यह बयान बिहार में नीतीश कुमार को एनडीए का चेहरा बनाए जाने के सवाल पर आया. उन्होंने कहा, ‘नीतीश कुमार पर भरोसा नहीं किया जा सकता है, वे दोबारा लालू जी से मिल सकते हैं.’ लोकसभा सीटों के आधार पर आरएलएसपी को जदयू से बड़ी पार्टी बताते हुए नागमणि ने कहा, ‘मौजूदा परिस्थितियों में एनडीए नीतीश के चेहरे के साथ चुनाव नहीं जीत सकती है.’ उनके मुताबिक एनडीए को बिहार में लोक सभा और विधानसभा का चुनाव जीतने के लिए उपेंद्र कुशवाहा (आरएलएसपी प्रमुख) को मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करना होगा.


‘बिहार में जदयू को लोकसभा की 25 सीटें देनी ही होंगी, इससे कम पर समझौते का सवाल ही नहीं है.’

— श्याम रजक, जदयू के वरिष्ठ नेता

जदयू नेता श्याम रजक का यह बयान आगामी लोकसभा चुनाव में सीटों के बंटवारे को लेकर भाजपा को चेतावनी देते हुए आया. उन्होंने कहा, ‘अगर एनडीए नीतीश कुमार की छवि का लाभ लेना चाहती है तो उसे जदयू और उनके साथ न्याय करना होगा.’ श्याम रजक ने आगे कहा कि टीडीपी और शिवसेना एनडीए छोड़ चुके हैं, पीडीपी जैसी पार्टियों के साथ दिक्कतें बढ़ रही हैं, ऐसे में घटक दलों को खुश रखना और गठबंधन बचाए रखना भाजपा की जिम्मेदारी है. बिहार के लिए विशेष राज्य के दर्जे की मांग पर जदयू नेता का कहना था कि इसे न दिया जाना राज्य के साथ अन्याय है, भाजपा को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए.


‘यूक्रेन ने अगर रूस समर्थक विद्रोहियों के खिलाफ कार्रवाई की तो उसके अस्तित्व के लिए बहुत गंभीर नतीजे होंगे.’

— व्लादिमीर पुतिन, रूस के राष्ट्रपति

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का यह बयान फुटबॉल विश्वकप के दौरान यूक्रेन द्वारा हमला किए जाने की आशंका पर आया. उन्होंने कहा कि अगले हफ्ते शुरू होने वाले विश्वकप के दौरान यूक्रेन की तरफ से उकसावे की कोई कार्रवाई न किए जाने की उम्मीद है. उपप्रधानमंत्री विटाली मुटको को हटाने के सवाल पर व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि यह असंभव है, क्योंकि उन्हें गलत तरीके से निशाना बनाया गया था. उन्होंने यह भी कहा कि विटाली मुटको में काफी क्षमता है, उन्हें काम करने दें. विटाली मुटको के खेल मंत्री रहने के दौरान ही रूस का बहुचर्चित डोपिंग घोटाला सामने आया था.