भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष अमित शाह की उद्धव ठाकरे से हुई मुलाकात के बाद भी शिव सेना अगला आम चुनाव अकेले लड़ने के रुख पर कायम है. द टाइम्स आॅफ इंडिया के मुताबिक पार्टी नेता संजय राउत ने यह बात कही है. उन्होंने कहा, ‘अकेले चुनाव लड़ने का फैसला खुद शिवसेना प्रमुख ने किया था. किसी दूसरी पार्टी के अध्यक्ष के कहने पर इसे नहीं बदला जा सकता. इस बारे में शिवसेना या फिर पार्टी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ही कोई निर्णय कर सकते हैं.’

इस दौरान संजय राउत ने उन अनुमानों को भी खारिज किया है जिनमें शिवसेना और भाजपा के एक साथ मिलकर 2019 का आम चुनाव लड़ने की बात कही जा रही है. राउत ने याद दिलाया कि अकेले चुनाव लड़ने का फैसला इस साल जनवरी में
पार्टी कार्यकारिणी की बैठक में हुआ था. जब उनसे पूछा गया कि अमित शाह और उद्धव ठाकरे की मुलाकात में क्या बात हुई तो उन्होंने जवाब दिया कि यह मुलाकात बंद कमरे में हुई थी और इसमें क्या चर्चा हुई, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है.

खबरों के मुताबिक इस बैठक में अमित शाह और उद्धव ठाकरे के साथ उनके बेटे आदित्य ठाकरे और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस भी शामिल हुए थे. इस दौरान क्या चर्चा हुई, इस पर दोनों पार्टियों की तरफ से फिलहाल औपचारिक रूप से कुछ नहीं कहा गया है. बताया जाता है कि अगला आम चुनाव अलग होकर लड़ने के पीछे की वजह शिवसेना की भाजपा से नाराजगी है. पार्टी पहले ही भाजपा पर एनडीए के छोटे घटक दलों की अनदेखी का आरोप लगा चुकी है साथ ही उसने जीएसटी, तेल के दाम और नोटबंदी जैसे मुद्दों को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधा है.