भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में बीते बुधवार को पांच लोगों को गिरफ्तार करने के बाद पुणे पुलिस ने एक जब्त ईमेल की जांच शुरू की है. इस ईमेल को लेकर पुलिस का कहना है कि इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की तरह हत्या करने की एक योजना का जिक्र है. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक ईमेल के हवाले से पुलिस का कहना है कि इस ईमेल में प्रधानमंत्री के किसी रोड शो को निशाना बनाने की बात थी.

गुरुवार को पुणे की अदालत में सरकारी वकील उज्जवला पवार ने पांचों लोगों की पुलिस हिरासत की मांग की. इस दौरान उन्होंने अदालत को आरोपितों के यहां से मिले सामान से जुड़ी जानकारी दी. हालांकि जानकारी देते हुए उन्होंने सीधे नरेंद्र मोदी का नाम नहीं लिया लेकिन, मेल में ‘राजीव गांधी जैसी हत्या’ होने की बात का जिक्र जरूर किया. इसके अलावा पवार ने अदालत में एक पत्र भी सबमिट किया. पुलिस का दावा है कि यह पत्र पांचों आरोपितों में से एक के लैपटॉप में से बरामद हुआ है. उसे शक है कि यह पत्र प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की केंद्रीय समिति के किसी सदस्य का हो सकता है. पवार ने अदालत को पत्र पढ़कर भी सुनाया.

पुलिस के सूत्रों की मानें तो मेल के जरिये हुई बातचीत में कहा गया है कि मोदी ने सफलतापूर्वक 15 राज्यों में सरकार बना ली है और अगर इसी तरह चलता रहा तो माओवादी दलों के लिए बड़ा खतरा पैदा हो जाएगा. सूत्रों के मुताबिक इसलिए वे एक और राजीव गांधी हत्याकांड की सोच रहे थे जिसके तहत किसी रोड शो को निशाना बनाने की रणनीति थी.

पुणे पुलिस ने बुधवार को भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में दिल्ली, मुंबई और नागपुर से पांच लोगों को गिरफ्तार किया था. इनमें सुरेंद्र गडलिंग, सुधीर धावले, रोना विल्सन, शोमा सेन और महेश राउत के नाम शामिल हैं. पुलिस के मुताबिक 31 दिसंबर, 2017 को पुणे के शनिवारवाड़ा में हुई यलगार परिषद की बैठक के पीछे इन पांचों का भी हाथ था. उसके मुताबिक मीटिंग में हिंसा भड़काने वाले भाषण दिए गए थे जिसके बाद अगले दिन यानी एक जनवरी, 2018 को भीमा कोरेगांव में हिंसा भड़क उठी थी.