ऑस्ट्रिया ने राजनीतिक इस्लाम और विदेशी चंदों से चलने वाले धार्मिक समूहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही है. समाचार एजेंसी एएफपी के अनुसार शुक्रवार को गृह मंत्री हरबर्ट केकल ने कहा कि इस कार्रवाई से लगभग 60 इमामों और उनके परिवारों पर असर पड़ेगा. उन्होंने आगे कहा कि इससे कुल 150 लोगों का देश में रहने का अधिकार खतरे में पड़ जाएगा. इनमें ज्यादातर इमाम तुर्की-इस्लामिक सांस्कृतिक संघों या एटीआईबी से जुड़े हैं, जो तुर्की सरकार की धार्मिक मामलों की संस्था की शाखा है.

ऑस्ट्रिया सरकार वियना की रुढ़िवादी तुर्की मस्जिद के अलावा छह अन्य मस्जिदों को भी बंद कर देगी. रिपोर्ट के मुताबिक धार्मिक मामलों के अधिकारियों द्वारा एक तुर्की समर्थित मस्जिद की अप्रैल में सामने आई तस्वीरों की जांच पूरी होने के बाद यह कदम उठाया जाएगा. इन तस्वीरों में बच्चे प्रथम विश्व युद्ध की गैलीपोली लड़ाई का मंचन करते दिखाई दे रहे थे. हालांकि, एटीआईबी ने खुद इन तस्वीरों की निंदा की थी और इन्हें खेदजनक बताया था.

इस बीच ऑस्ट्रिया के चांसलर सेबेस्टियन कुर्ज ने भी इस मामले में किसी तरह की नरमी से इनकार किया है. रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा, ‘हमारे देश में समानांतर समाजों, राजनीतिक इस्लाम और लोगों को कट्टर बनाने की कोशिशों के लिए कोई जगह नहीं है.’ ऑस्ट्रिया और तुर्की के रिश्ते काफी समय से खराब चल रहे हैं. सेबेस्टियन कुर्ज तुर्की को यूरोपीय संघ में शामिल करने की बातचीत बंद करने की अपील कर चुके हैं. वहीं, बीते हफ्ते उन पर निशाना साधते हुए तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैय्यब एर्दोआन ने कहा था, ‘इस अनैतिक चांसलर को मेरे साथ कोई समस्या है. वह हंगामा खड़ा करने के लिए अपनी तरफ से सारी कोशिशें कर रहा है.’