फंसे हुए कर्ज (एनपीए) की समस्या दूर करने और सार्वजनिक बैंकिंग प्रणाली को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार जल्द ही एक नई व्यवस्था बनाएगी. सरकारी बैंकों के प्रमुखों के साथ नई दिल्ली में शुक्रवार को हुई बैठक के बाद प्रभारी वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने यह जानकारी दी है. उन्होंने यह आश्वासन भी दिया है कि केंद्र सरकार अगले 30 दिनों में अभी खाली पड़े सभी पांच सरकारी बैंकों के प्रमुखों के पद भर देगी.

एनपीए की समस्या दूर करने के बारे में पीयूष गोयल ने बताया है कि एसेट रिस्ट्रक्चरिंग कंपनी या एसेट मैनेजमेंट कंपनी के गठन पर सिफारिश देने के लिए पीएनबी के गैर-कार्यकारी अध्यक्ष सुनील मेहता के नेतृत्व में एक समिति बनाई गई है. उनके अनुसार यह समिति अगले दो हफ्तों में अपनी रिपोर्ट दे देगी जिसके बाद कोई निर्णय लिया जाएगा. उन्होंने बताया कि सभी बैंक प्रमुखों ने फंसे कर्ज की समस्या दूर करने वाली एक व्यवस्थित प्रणाली बनाए जाने की मांग की है. वित्त मंत्री ने इस बारे में बैंकों को सलाह देने के लिए बाहरी विशेषज्ञों को नियुक्त करने के संकेत भी दिए हैं.

बतौर प्रभारी केंद्रीय वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने अपने पहले संवाददाता सम्मेलन में हालांकि यह साफ कर दिया कि सरकारी बैंकों को सरकार से अब और कोई वित्तीय मदद नहीं मिलेगी. उन्होंने कहा कि एनपीए की समस्या का स्थायी समाधान हो सके इसके लिए केंद्र लगातार कई फैसले ले रहा है. पीयूष गोयल ने यह जानकारी भी दी कि आज की बैठक में कर्ज मिलने में आ रही तेजी के अलावा इससे जुड़े खतरों को दूर रखने पर भी विचार किया गया.