महाराष्ट्र पुलिस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या किए जाने की साजिश का शक जताया है. इस खबर को आज के अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. बताया जाता है कि भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में बीते बुधवार को पांच लोगों को गिरफ्तार करने के बाद पुणे पुलिस ने एक जब्त ईमेल की जांच शुरू की. इस ईमेल को लेकर पुलिस का कहना है कि इसमें राजीव गांधी हत्याकांड जैसी एक योजना का जिक्र है. पुलिस के मुताबिक मेल में प्रधानमंत्री के किसी रोड शो को निशाना बनाने की भी बात थी.

उधर, कांग्रेस ने इस पर शक जताया है. मुंबई कांग्रेस के अध्यक्ष और पूर्व सांसद संजय निरूपम ने कहा, ‘मैं नहीं कह रहा कि यह पूरी तरह से झूठ है लेकिन यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पुरानी चाल है.’ उन्होंने आगे कहा, ‘जब कभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता गिरने लगती है, उनकी हत्या की साजिश रचे जाने की खबरें आने लगती हैं.’ संजय निरुपम ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र पुलिस के हवाले से आई इस सूचना की मुकम्मल पड़ताल होनी चाहिए ताकि इसकी सच्चाई पता चल सके.

आईएसआई द्वारा अमान्य 500 और 1000 रुपये के नोटों से जाली नोटों की छपाई

पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई भारत में इस्तेमाल के लिए जाली करेंसी तैयार कर रही है. नवभारत टाइम्स की खबर के मुताबिक इसके लिए उसने अमान्य 500 और 1000 रुपये के भारतीय नोटों को हथियार बनाया है. अखबार ने एक मीडिया रिपोर्ट के हवाले से कहा है कि जाली नोटों के कारोबार में लगे सिंडिकेट इन अमान्य नोटों को नेपाल पहुंचा रहे हैं. इसके बाद खुफिया एजेंसी और डी कंपनी से जुड़े एजेंट इन नोटों को खरीदकर पाकिस्तान भेज रहे हैं. बताया जाता है कि पाकिस्तान में मौजूद जानकार भारतीय नोटों पर लगे आरबीआई के सुरक्षा धागे को निकालकर नए 2000, 500 और 50 रुपये के जाली नोटों पर लगा रहे हैं. इसके बाद असली और जाली नोटों में फर्क करना मुश्किल हो जाता है. इन जाली नोटों को एक बार फिर डी कंपनी की मदद से दुबई और बांग्लादेश जैसे देशों में भेजा जाता है. इसके बाद तस्कर इन नोटों को भारत पहुंचाते हैं.

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ‘बिना दांत की संस्था’ बन सकता है

केंद्र सरकार भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के फैसले लेने के अधिकार को खत्म करने पर विचार कर रही है. यानी इसके बाद आयोग को प्रतिस्पर्धा कानून के उल्लंघन के मामले में आदेश सुनाने और जुर्माना लगाने का अधिकार नहीं होगा. बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक फिलहाल सीसीआई यह सुनिश्चित करता है कि कंपनियों के विलय से बाजार में किसी एक कंपनी का वर्चस्व कायम न हो. अखबार को प्रतिस्पर्धा मामलों के जानकार आर प्रसाद ने बताया कि इस कदम से सीसीआई महज एक सलाह देने वाला प्राधिकरण बनकर रह जाएगा, जिसका कोई मतलब नहीं होगा. उन्होंने आगे कहा कि सीसीआई मामले की जांच करेगा और इसके बारे में आगे की कार्रवाई के लिए सरकार को सिफारिश करेगा. इससे पहले केंद्र ने आयोग में सदस्यों की संख्या छह से घटाकर तीन कर दी थी. वहीं, आयोग में कुल 91 स्वीकृत पद हैं. इनमें से भी 43 खाली पड़े हैं. इनमें सचिव, परामर्शक, निदेशक, संयुक्त निदेशक और उप निदेशक स्तर के पद भी शामिल हैं.

तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार के साथ किसी तरह का गठबंधन करने से इनकार किया

बिहार के पूर्व उप-मुख्यमंत्री और राजद नेता तेजस्वी यादव ने जदयू प्रमुख नीतीश कुमार के साथ किसी तरह का गठबंधन करने से इनकार किया है. द हिंदू के साथ साक्षात्कार में उन्होंने कहा, ‘हमें उनके लिए दरवाजे खुले क्यों रखने चाहिए? और इसकी क्या गारंटी है कि वे हमारे साथ आते भी हैं तो फिर भाजपा के साथ नहीं जाएंगे. उनका रिकॉर्ड देखिए.’ साथ ही, तेजस्वी यादव ने कहा कि नीतीश कुमार भाजपा के साथ काफी असहज हैं. वहीं, रालोसपा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा द्वारा बीते गुरुवार को एनडीए की बैठक में शामिल न होने पर राजद नेता ने कहा, ‘यदि आप उपेंद्र कुशवाहा की विचारधारा को देखें तो उन्हें एनडीए में नहीं होना चाहिए. उनकी जगह हमारे कैंप में है.’ राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद को चारा घोटाला मामले में सजा मिलने की वजह से उनकी गैर-मौजूदगी में तेजस्वी यादव के नेतृत्व में राजद ने अररिया लोकसभा के साथ जहानाबाद और जोकीहाट विधानसभा सीट पर जीत हासिल की थी.

दिल्ली स्थित एम्स में दिल के ऑपरेशन के लिए पांच साल का इंतजार

दिल्ली स्थित एम्स में दिल के ऑपरेशन के लिए पांच साल का इंतजार करना होगा. अमर उजाला के पहले पन्ने पर प्रकाशित खबर के मुताबिक इस अस्पताल में आमतौर पर दो से तीन साल तक की वेटिंग रही है. हालांकि, मरीजों की बड़ी संख्या की वजह से अब यह आंकड़ा पांच साल तक पहुंच चुका है. अखबार की मानें तो चार साल की त्रिशा को दिल की सर्जरी के लिए सितंबर, 2023 की तारीख मिली है. उसके दिल में छेद है. उधर, एम्स प्रबंधन से जुड़े एक अधिकारी का कहना है कि कुछ मामलों में मरीजों की संख्या अधिक होने की वजह से वेटिंग पांच साल पार कर चुकी है. साथ ही, डॉक्टरों की कमी और सीमित संसाधन भी इसके कारण बताए जा रहे हैं. हालांकि, मरीजों के लिए इंतजार का वक्त कम करने के लिए प्रशासन की ओर से वीडियो सलाह तक शुरू की गई थी लेकिन, वेटिंग कम नहीं की जा सकी है. एम्स स्थित डॉक्टरों के मुताबिक आने वाले दिनों में यह इंतजार आठ साल तक पहुंच सकता है.