मध्य प्रदेश में बड़े पैमाने पर फ़र्ज़ी मतदाता होने संबंधी शिकायत चुनाव आयोग ने ख़ारिज़ कर दी है. इस बाबत कांग्रेस की ओर से दर्ज़ कराई गई शिकायत की जांच के बाद आयोग को प्रदेश में एक भी फ़र्ज़ी मतदाता होने का प्रमाण नहीं मिला है.

द हिंदू के मुताबिक आयोग ने कांग्रेस की शिकायत की जांच के लिए दो टीमें बनाई थीं. इन टीमाें ने चार जून को मध्य प्रदेश पहुंचकर आरोपों की जांच की. इसमें पाया कि कांग्रेस ने प्रदेश में लगभग 68 लाख फ़र्ज़ी मतदाता होने का जो आंकड़ा पेश किया है वह आयोग के ध्यान में 2016 में ही आ गया था. मतदाता सूचियों में पाई गई इस गड़बड़ी को तभी से ठीक करने की प्रक्रिया भी चल रही है जो अब लगभग पूरी होने को है.

अपने इस निष्कर्ष के आधार पर आयोग ने कांग्रेस की शिकायत को ख़ारिज़ कर दिया. ग़ौरतलब है कि अभी हाल ही में मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ और प्रदेश चुनाव समिति के प्रमुख ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एक प्रतिनिधिमंडल के साथ चुनाव आयोग को शिकायत सौंपी थी. इसमें उन्होंने प्रदेश में लगभग 68 लाख फ़र्ज़ी मतदाता होने का आरोप लगाते हुए मामले की तुरंत जांच कराने की मांग की थी.