बॉम्बे हाई कोर्ट ने केंद्रीय सूचना और प्रसारण (आईबी) मंत्रालय से कहा है कि वह मीडिया को दलित शब्द का इस्तेमाल बंद करने के लिए निर्देश जारी करने पर विचार करे. डेक्कन क्रॉनिकल की खबर के मुताबिक हाई कोर्ट की नागपुर पीठ ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह बात कही. याचिकाकर्ता पंकज मेश्राम ने मांग की है कि सरकारी संवाद और दस्तावेजों से दलित शब्द हटाया जाए. इस पर सुनवाई करते हुए पीठ ने कहा, ‘(दलित शब्द के इस्तेमाल को लेकर) केंद्र सरकार ने अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं. हमें लगता है कि वह (सरकार) मीडिया को भी इस शब्द को लेकर उचित निर्देश दे सकती है.’

पंकज मेश्राम के वकील एसआर नानावरे ने कोर्ट को बताया कि बीती 15 मार्च को आईबी मंत्रालय ने एक सर्कुलर जारी किया था. इसमें केंद्र और राज्य सरकारों को सलाह दी गई थी कि वे दलित शब्द की जगह ‘अनुसूचित जाति से संबंधित व्यक्ति’ का उपयोग करें. नानावरे ने कहा कि सर्कुलर जारी होने के बाद मीडिया को भी दलित शब्द का इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए. सुनवाई में महाराष्ट्र सरकार की तरफ से पेश हुए वकील डीपी ठाकरे ने भी कहा कि राज्य सरकार इस मामले में फैसला लेने की तैयारी कर रही है. इस पर कोर्ट ने मंत्रालय को इस मुद्दे पर विचार करने को कहा. पीठ ने कहा, ‘इस मामले से जुड़े कई संस्थान यहां नहीं हैं. इसलिए हम पहले प्रतिवादी (आईबी मंत्रालय) को निर्देश देते हैं कि वह मीडिया को निर्देश जारी करने को लेकर अगले छह हफ्तों में कोई फैसला करे. ‘