तेल के बढ़ते दामों के विरोध में आयोजित एक रैली में चार साल की एक बच्ची को शामिल करने पर असम पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक यह रैली इसी हफ्ते बुधवार को हुई थी. रैली के दौरान कांग्रेसी नेताओं ने इस बच्ची को सुपारी के पेड़ की सूखी पत्तियों पर बैठाकर चिलचिलाती धूप में घसीटा था. इस घटना का एक वीडियो भी वायरल हुआ था जिसके बाद राज्य कांग्रेस की काफी किरकिरी हुई थी.

बताया गया है कि असम राज्य के बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एएससीपीसीआर) ने घटना का पता चलने पर लखीमपुर पुलिस को इसकी सूचना दी. उसने मामले को दंडनीय अपराध बताते हुए इस पर आवश्यक कार्रवाई करने को भी कहा. लखीमपुर के पुलिस अधीक्षक सुधाकर सिंह ने बताया, ‘पुलिस ने इस मामले में गुरुवार को तीन गिरफ्तारियां कीं. इनमें नाबालिग बच्ची की मां के अलावा एक स्थानीय कांग्रेसी नेता शामिल थे. साथ ही बच्ची की पहचान उजागर करने के आरोप में एक स्थानीय पत्रकार को भी गिरफ्तार किया गया था. हालांकि बाद में तीनों को जमानत पर रिहा कर दिया गया.’

उधर, कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि रैली में बच्ची को प्रतीकात्मक तौर पर पत्तियों पर बैठाया गया था. लखीमपुर जिले के कांग्रेस अध्यक्ष डॉक्टर जॉय प्रकाश दास का यह भी कहना था, ‘बच्चों को सुपारी के पत्तों पर बैठा कर उनके माता-पिता अक्सर बच्चों को खींचते हैं. असम में यह काफी प्रचलित भी है.’ उन्होंने आगे कहा कि अगर पुलिस को लगता है कि इस मामले कुछ गलत हुआ है तो कांग्रेस की तरफ से पुलिस जांच में पूरा सहयोग किया जाएगा. दूसरी ओर, बच्ची की मां के मुताबिक ईंधन के दाम आज इतने बढ़ चुके हैं कि लोगों के पास अपने बच्चों को बसों में स्कूल भेजने की क्षमता नहीं रह गई है.