पश्चिम बंगाल में राजनीतिक कार्यकर्ताओं की हत्या की घटनाएं जारी हैं. द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक बीते दो दिनों में राज्य के अलग-अलग जिलों में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के दो कार्यकर्ताओं की चाकू मारकर हत्या की जा चुकी है. शुक्रवार को कार्तिक ढाकी का शव हावड़ा जिले के जगतबलावपुर में मिला, जिस पर चाकू से हमला किए जाने के निशान थे. वहीं, गुरुवार को माल्दा जिले के हरिश्चंद्रपुर इलाके में अलाउद्दीन शेख को चाकू मार दिया गया, जिनकी अगले दिन अस्पताल में मौत हो गई. टीएमसी ने दोनों व्यक्तियों को अपनी पार्टी से जुड़ा बताया है.

टीएमसी ने अपने कार्यकर्ताओं की हत्या के लिए भाजपा सहित अन्य विपक्षी दलों पर आरोप लगाया है. रिपोर्ट के मुताबिक पार्टी के महासचिव पार्थ चटर्जी ने कहा, ‘पंचायत चुनाव शुरू होने के बाद से हमारे कार्यकर्ताओं को मारा जा रहा है.’ लेकिन भाजपा के राज्य सचिव सायंतन बसु का कहना है कि इन कार्यकर्ताओं की मौत टीएमसी आंतरिक कलह की वजह से हुई है. कांग्रेस ने भी टीएमसी की अंदरूनी लड़ाई को कार्यकर्ताओं की हत्या की वजह बताया है.

इसी हफ्ते सोमवार को हावड़ा जिले के बगनान में अज्ञात हमलावरों ने टीएमसी कार्यकर्ता महसीन खान की गोली मारकर हत्या कर दी थी. उनकी पत्नी ने हालिया पंचायत चुनाव में जीत दर्ज की थी. टीएमसी ने इस हत्या के लिए भी भाजपा पर आरोप लगाया था. इससे पहले पुरुलिया जिले में दो भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई थी. इसके लिए भाजपा ने सत्ताधारी टीएमसी पर आरोप लगाया था.