देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने उम्मीद जताई है कि मौजूदा वित्त वर्ष में वह 40 हजार करोड़ रुपये से अधिक के फंसे हुए कर्ज (एनपीए) की उगाही कर लेगा. बैंक में एनपीए संबंधित मामला देखने वाले इसके प्रबंध निदेशक पल्लव मोहपात्रा ने शनिवार को बताया है, ‘इन्सॉल्वेंसी और बैंकरप्सी कोड (आईबीसी) से वित्त वर्ष 2018-19 में 25-30 हजार करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है जबकि शेष राशि एनपीए की बिक्री और इसके निपटान से मिलने की संभावना है.’

मोहपात्रा ने यह भी कहा है कि आरबीआई के दिशानिर्देशों के मुताबिक आईबीसी कानून के तहत चल रहे मामलों में एसबीआई का अभी 76 हजार करोड़ रुपये का कर्ज फंसा हुआ है. उन्होंने जानकारी दी है, ‘आईबीसी कानून के तहत जिन मामलों में कार्रवाई हो रही है, उनकी पहली सूची में 48 हजार करोड़ रुपये फंसे हुए हैं जबकि दूसरी सूची में 28 हजार करोड़ रुपये के कर्ज शामिल है.’

हालांकि आईबीसी कानून के तहत अभी तक एसबीआई के केवल दो मामले ही निपट सके हैं. यह जानकारी देते हुए मोहपात्रा ने उम्मीद जाहिर की है कि एनपीए की रिकवरी इस साल और तेज होगी. पल्लव मोहपात्रा के अनुसार नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल में एसबीआई इस समय 250 मामले लड़ रहा है जिसके तहत करीब 95 हजार करोड़ रुपये के कर्ज फंसे हैं. हालांकि दिसंबर 2017 तक के आंकड़ों के अनुसार एसबीआई का कुल एनपीए 2.01 लाख करोड़ रुपये है. वहीं देश के सभी सरकारी बैंकों का कुल एनपीए उस समय 8.40 लाख करोड़ रुपये था.