उत्तर प्रदेश के इस साल के 10वीं बोर्ड के टॉपरों में से एक आलोक मिश्र का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों से मिला एक लाख रुपये का चेक बाउंस होने का मामला सामने आया है. बैंक ने इसके लिए पुरस्कृत छात्र से जुर्माना भी वसूल किया है.

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार बाराबंकी जिले के यंग स्ट्रीम इंटर कॉलेज से दसवीं पास करने वाले आलोक मिश्र को इस साल की बोर्ड परीक्षा में 93.5 फीसदी अंक मिले हैं. इससे वे उत्तर प्रदेश की मेरिट लिस्ट में सातवां स्थान पाने में सफल हुए थे. उनकी इस उपलब्धि का सम्मान करते हुए पिछले महीने की 29 तारीख को राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी लखनऊ में उन्हें एक लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी थी. इस इनामी चेक पर बाराबंकी जिले के स्कूल इंस्पेक्टर के दस्तखत थे.

मीडिया में आई खबरों के मुताबिक इनामी राशि प्राप्त करने के लिए इस छात्र ने पांच जून को लखनउ के एक बैंक में चेक जमा किया था, लेकिन बात में पता चला कि वह बाउंस हो गया. इस बारे में संबंधित छात्र आलोक का कहना है, ‘मुख्यमंत्री के हाथों से चेक पाकर मैं बहुत खुश हुआ था. लेकिन इसे जमा कराने के दो दिन बाद मुझे जब पता चला कि यह बाउंस हो गया है तो थोड़ी निराशा हुई थी.’

उधर यह मामला सामने आने के बाद बाराबंकी जिले के स्कूल इंस्पेक्टर ने बताया है कि छात्र को एक नया चेक जारी कर दिया गया है. वहीं जिले के डीएम उदय भानु त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री से जुड़ा होने के चलते इस मामले को गंभीर करार दिया है और कहा है कि यदि कोई लापरवाही सामने आई तो दोषी अधिकारी पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.