‘लोकतंत्र और संविधान को बचाने के लिए कभी-कभी बलिदान भी देना पड़ता है.’

— मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता

कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे का यह बयान कर्नाटक में विभागों के बंटवारे को लेकर पार्टी के भीतर असंतोष के सवाल पर आया. उन्होंने कहा, ‘विभागों के बंटवारे से कुछ सदस्यों में नाराजगी है. हाई कमान और उनके प्रतिनिधि इस बारे में उनसे जरूर बात करेंगे.’ मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि पार्टी के नेता जेडीएस से गठबंधन की वजहें जानते हैं और उन्होंने पार्टी के प्रति वफादार रहने और कभी अलग न होने की बात कही है. कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि 2019 का चुनाव बहुत महत्वपूर्ण है, इसलिए पार्टी के लोगों को एकजुट रहकर तैयारी करनी होगी.

‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश और दुनिया में शांति व मानवता की प्रभावी और सशक्त आवाज बन गए हैं.’

— मुख्तार अब्बास नकवी, अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय मंत्री

केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी का यह बयान भारत में मुस्लिमों के सामाजिक-धार्मिक और संवैधानिक अधिकारों को दुनिया के किसी भी लोकतांत्रिक मुल्क से ज्यादा सुरक्षित बताते हुए आया. उन्होंने कहा कि सामाजिक-धार्मिक एकता और सहनशीलता भारत डीएनए में मौजूद है. मुख्तार अब्बास नकवी ने आगे कहा कि निराश और परेशान शक्तियां शांति भंग करना चाहती हैं लेकिन शांति और एकता के लिए लोगों की प्रतिबद्धता उन्हें हरा देगी और अलग-थलग कर देगी. केंद्रीय मंत्री ने फिर दोहराया कि सरकार अल्पसंख्यकों का गरिमा और बगैर किसी भेदभाव के साथ विकास करने के लिए प्रतिबद्ध है.


‘दिल्ली में जनवरी, 2016 के बाद पेट्रोल और डीजल पर वैट बढ़ाया नहीं, बल्कि घटाया गया है.’

— मनीष सिसोदिया, दिल्ली के उपमुख्यमंत्री

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का यह बयान दिल्ली में पेट्रोल और डीजल पर वैल्यू एडेड टैक्स (वैट) बढ़ाने के आरोपों का खंडन करते हुए आया. विधानसभा में उन्होंने कहा, ‘सरकार ने 7 मई, 2016 को डीजल पर वैट 18 फीसदी से घटाकर 16.75 फीसदी कर दिया था.’ मनीष सिसोदिया ने आगे कहा कि बीते तीन साल में पेट्रोल और डीजल पर वैट केवल दो बार बढ़ाया गया है ताकि कीमतों को दूसरे राज्यों के बराबर लाया जा सके. इसके पहले भाजपा विधायक और दिल्ली विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष विजेंदर गुप्ता ने आम आदमी पार्टी की सरकार पर ईंधन पर वैट बढ़ाने का आरोप लगाया था.


‘हम फाइनल में किसी भी चीज को हल्के में नहीं लेंगे.’

— स्टीफन कांस्टेनटाइन, भारतीय फुटबॉल टीम के मुख्य कोच

कोच स्टीफन कांस्टेनटाइन का यह बयान इंटरकॉन्टीनेंटल कप के रविवार को होने वाले फाइनल मुकाबले के लिए भारतीय टीम की तैयारियों पर चर्चा करते हुए आया. उन्होंने कहा, ‘हमने पिछले मैचों के दौरान जो कुछ भी किया, वह बीती बात है. अब अगले दौर में जाएंगे, जहां आप कुछ भी हल्के में नहीं ले सकते.’ स्टीफन कांस्टेनटाइन ने आगे कहा कि शुक्रवार को कीनिया ने चीनी ताइपे के साथ मुकाबले में दिखा दिया कि वे क्या करने में सक्षम हैं, इसलिए भारतीय टीम को बहुत सतर्क रहने की जरूरत है. भारतीय टीम के कोच के मुताबिक इस टूर्नामेंट से उनका अब तक का मकसद पूरा हो चुका है और अंतिम लक्ष्य फाइनल जीतकर ट्राफी उठाना है.


‘सभ्यता को ऊर्जा की जरूरत है, लेकिन ऊर्जा का यह इस्तेमाल सभ्यता को बर्बाद करने वाला नहीं होना चाहिए.’

— पोप फ्रांसिस, ईसाइयों के सर्वोच्च धर्म गुरु

ईसाइयों के धर्म गुरु पोप फ्रांसिस का यह बयान जलवायु परिवर्तन के खतरों से आगाह करते हुए आया. उन्होंने कहा कि आज समाज को मिले-जुले ऊर्जा साधनों की जरूरत है, ताकि प्रदूषण का मुकाबला करने के साथ गरीबी को मिटाया और सामाजिक न्याय को प्रोत्साहित किया जा सके. पोप फ्रांसिस ने आगे कहा, ‘हमारी चुनौतियां आपस में जुड़ी हैं. अगर हम गरीबी और भुखमरी को खत्म करना चाहते हैं तो एक अरब से ज्यादा लोगों तक बिजली पहुंचाने की जरूरत है.’ पोप ने यह भी कहा कि सभी के लिए ऊर्जा की उनकी इच्छा वैश्विक तापमान, गरीबी और सख्त वातावरण में बढ़ोतरी जैसी अवांछित घटनाओं की वजह नहीं बननी चाहिए.