राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव की बयानबाजी पर छोटे बेटे तेजस्वी यादव ने अपनी चुप्‍पी तोड़ी है. तेजस्वी ने तेज प्रताप के साथ मतभेद की अटकलों को खारिज करते हुए कहा है कि तेज प्रताप पार्टी को मजबूत करना चाहते हैं और इसीलिए उन्होंने पिछले दिनों बयानबाजी की है.

बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने एक ट्वीट में लिखा, ‘यह पूरी तरह स्पष्ट है कि तेज प्रताप जी ने पार्टी को मजबूत करने को लेकर बात की है. उन्होंने 2019 के लोकसभा और 2020 के बिहार विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी को एकजुट और मजबूत बनाने की बात की है. उन्होंने स्पष्ट कहा है कि तेजस्वी मेरे कलेजे का टुकड़ा है.’ तेजस्वी ने आगे कहा, ‘तेजप्रताप मेरे भाई और गाइड हैं.’

इससे पहले शनिवार को तेज प्रताप यादव ने एक ट्वीट में लिखा था, ‘मेरा सोचना है कि मैं अर्जुन को हस्तिनापुर की गद्दी पर बैठाऊं और खुद द्वारका चला जाऊ. अब कुछ ‘चुगलों’ को कष्ट है कि कहीं मैं किंगमेकर न कहलाऊं.’ तेजप्रताप के इस ट्विट के बाद उनके और तेजस्वी के बीच सब कुछ ठीक न होने की अटकलें लगाई जाने लगी थीं.

हालांकि, इसके बाद रविवार सुबह तेज प्रताप ने इस मामले पर सफाई देते हुए कहा, ‘परिवार में किसी तरह का विवाद नहीं है. मेरे मन में तेजस्वी और लालू जी के खिलाफ कुछ नहीं है लेकिन, पार्टी में कुछ वरिष्ठ नेता युवा कार्यकर्ताओं को तवज्जो नहीं दे रहे हैं. आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र पूर्वे कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर रहे हैं.’