पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की सक्रिय राजनीति में वापसी की अटकलों को उनकी बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी ने खारिज कर दिया है. रविवार को शिव सेना के सांसद संजय राउत के एक बयान के जवाब में ट्विटर पर उन्होंने लिखा, ‘भारत के राष्ट्रपति के पद से रिटायर होने के बाद मेरे पिता सक्रिय राजनीति में नहीं लौटने जा रहे हैं.’ कांग्रेस नेता शर्मिष्ठा मुखर्जी इससे पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यक्रम में जाने के अपने पिता के फैसले पर भी सवाल उठाया था. इस मौके को दुष्प्रचार के लिए इस्तेमाल किए जाने की आशंका जताते हुए उन्होंने कहा था कि पूर्व राष्ट्रपति की असल बातों को भुला दिया जाएगा और उनकी तस्वीरों को फर्जी बयानों के साथ प्रचारित किया जाएगा.

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने बीते हफ्ते नागपुर स्थित आरएसएस मुख्यालय में एक कार्यक्रम को संबोधन किया था. इसके बाद से ही उनकी सक्रिय राजनीति में वापसी की अटकलें लगाई जाने लगी थीं. इस आयोजन को आगामी लोक सभा चुनाव से जोड़ते हुए शिव सेना सांसद संजय राउत ने कहा था, ‘हमें लगता है कि आरएसएस खुद को उस स्थिति के लिए तैयार कर रहा है, जिसमें भाजपा को पर्याप्त संख्या न मिलने पर प्रणब मुखर्जी जी को प्रधानमंत्री के रूप में आगे किया जा सके.’ उनका यह भी कहना था कि इस समय आम चुनाव में भाजपा कम से कम 110 सीटें हार जाएगी.

शिव सेना, केंद्र और महाराष्ट्र में भाजपा के साथ सरकार में शामिल है. इसके बावजूद दोनों के रिश्ते तनावपूर्ण बने हुए हैं. शिवसेना अक्सर केंद्र और महाराष्ट्र सरकार पर तीखे हमले करती है. शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे 2019 का लोक सभा और आगामी विधानसभा चुनाव अकेले लड़ने की भी घोषणा कर चुके हैं.