हीरा कारोबारी और पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले का मुख्य आरोपित नीरव मोदी ब्रिटेन में राजनीतिक शरण लेना चाहता है. द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक रविवार को यह दावा एक ब्रिटिश अखबार फाइनेंशियल टाइम्स ने किया है. इसमें कहा गया है कि पीएनबी घोटाले का आरोपित नीरव मोदी ब्रिटेन पहुंच गया है और अपने ‘राजनीतिक उत्पीड़न’ का हवाला देकर ब्रिटेन में शरण दिए जाने की मांग की है. इस बारे में पूछे जाने पर ब्रिटेन के गृह मंत्रालय ने कहा कि वह व्यक्तिगत मामलों में जानकारियां नहीं उपलब्ध कराता है.

खबरों के मुताबिक समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने इस बारे में नीरव मोदी से उनका पक्ष जानने की कोशिश की थी लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया. इस बीच भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि नीरव मोदी के प्रत्यर्पण के लिए कानूनी जानकारों से सलाह ली जा रही है. हालांकि, विदेश मंत्रालय को ऐसे ही एक अन्य मामले में शराब कारोबारी विजय माल्या को ब्रिटेन से भारत वापस लाने में अब तक कामयाबी नहीं मिल पाई है.

उधर, पीएनबी घोटाले पुलिस ने मई में 25 लोगों के खिलाफ अारोपपत्र दाखिल कर दिए थे. इनमें नीरव मोदी और उनके मामा मेहुल चोकसी के अलावा पीएनबी की पूर्व प्रमुख उषा अनंतासुब्रमण्यम के साथ दो अन्य कार्यकारी निदेशकों के नाम शामिल शामिल हैं. बताया जाता है कि नीरव मोदी ने लेटर आॅफ अंडरटेकिंग (एलओयू) की मदद से हांगकांग की पांच फर्जी कंपनियों के जरिये इस घोटाले को अंजाम दिया था. इसे भारत के बैंकिंग जगत में अब तक का सबसे बड़ा घोटाला बताया जा रहा है. हालांकि, नीरव मोदी और मेहुल चोकसी ने इन आरोपों से इनकार किया है.