दिल्ली हाई कोर्ट ने राज्य विधानसभा में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की कम हाजिरी के मामले में आम आदमी पार्टी (आप) के निलंबित नेता कपिल मिश्रा को याचिका लगाने की इजाजत दे दी है. समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार कपिल मिश्रा ने आरोप लगाया है कि विधानसभा में अरविंद केजरीवाल की हाजिरी 10 फीसदी से भी कम है. उन्होंने यह भी कहा, ‘दिल्ली के मुख्यमंत्री पूर्ण राज्य के दर्जे की मांग और सीलिंग जैसे मुद्दे पर बुलाए गए विधानसभा के विशेष सत्रों में भी हाजिर नहीं रहे. वे वहां केवल दो घंटे रुके. क्या यह दिल्ली की जनता के वोटों का अपमान नहीं है.’

रिपोर्ट के मुताबिक कपिल मिश्रा ने आगे कहा, ‘दिल्ली हाई कोर्ट को अरविंद केजरीवाल को विधानसभा के सत्रों में हाजिर रहने का निर्देश देना चाहिए. इसके अलावा उपराज्यपाल और विधानसभा के अध्यक्ष को भी निर्देश देना चाहिए कि वे अरविंद केजरीवाल की विधानसभा में हाजिरी सुनिश्चित कराएं.’ दिल्ली हाई कोर्ट इस मामले में मंगलवार को सुनवाई कर सकता है.

कपिल मिश्रा को हाल ही में भाजपा से पार्टी में शामिल होने का प्रस्ताव मिला है. बीते हफ्ते पार्टी के ‘संपर्क से समर्थन’ अभियान के तहत उनसे मिलने के बाद केंद्रीय मंत्री विजय गोयल ने कहा था, ‘जब से वे (कपिल मिश्रा) आम आदमी पार्टी से अलग हुए हैं तब से भाजपा के दरवाजे उनके लिए खुले हुए हैं. फैसला अब उनके हाथ में है.’ विजय गोयल के मुताबिक भाजपा को कपिल मिश्रा जैसे दोस्तों की जरूरत है.