राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की मानहानि के मामले में महाराष्ट्र की भिवंडी कोर्ट ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं. समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार अदालत ने यह आरोप भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा-499 और धारा-500 के तहत तय किए हैं. मंगलवार को अदालत में मौजूद रहे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इन आरोपों को गलत बताया है. उन्होंने यह भी कहा है कि वे इस मामले का सामना करेंगे. अब इस मामले की सुनवाई 10 अगस्त को होगी.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने छह मार्च, 2014 को भिवंडी में आयोजित एक रैली में महात्मा गांधी की हत्या के लिए आरएसएस के लोगों को जिम्मेदार बताया था. उनके इसी बयान के खिलाफ भिवंडी के आरएसएस पदाधिकारी राजेश कुंटे ने उनके खिलाफ आपराधिक मानहानि का मुकदमा कर दिया था. इसमें उन्होंने कहा था कि राहुल गांधी के इस बयान से आरएसएस की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस मामले में 2015 में सुप्रीम कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया था. इसमें दखल देने से इनकार करते हुए अदालत ने कहा था, ‘आप किसी की सामूहिक निंदा नहीं कर सकते हैं.’ लेकिन शीर्ष अदालत ने उनके सामने प्रस्ताव रखा था कि अगर वे माफी मांग लें तो यह मामला बंद हो सकता है. इस पर कांग्रेस अध्यक्ष ने यह कहते हुए अपनी याचिका वापस ले ली थी कि वे निचली अदालत में कार्यवाही का सामना करेंगे. आरएसएस के खिलाफ अपने बयान को सही बताते हुए राहुल गांधी नवंबर 2016 में भिवंडी कोर्ट में पेश हुए थे, जहां से उन्हें जमानत मिल गई थी.