मध्य प्रदेश के जाने-माने आध्यात्मिक गुरु भय्यूजी महाराज ने आत्महत्या कर ली है. खबरों के मुताबिक खुद को गोली मारे जाने के बाद उन्हें गंभीर हालत में इंदौर के बॉम्बे अस्पताल ले जाया गया लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका. उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया.

इंदौर के डीआईजी (पुलिस उपमहानिरीक्षक) हरिनारायणचारी मिश्रा के मुताबिक भय्यूजी महाराज ने अपने घर पर ही खुद को गोली मारी थी. इसके पीछे की वजह उन्होंने किसी पारिवारिक विवाद को बताया है. यह भी चर्चा है कि भय्यूजी पिछले कुछ दिनों से मानसिक तनाव से गुजर रहे थे. उनके द्वारा ऐसा आत्मघाती क़दम उठाने के पीछे यह भी एक कारण हो सकता है.

भय्यूजी महाराज की गिनती देश के हाई प्रोफाइल संतों में की जाती है. उनका जन्म मध्य प्रदेश में शुजालपुर के एक जमींदार परिवार में हुआ था. उनका असली नाम उदय सिंह देशमुख था. उन्हें राष्ट्र संत का दर्जा मिला हुआ था. मध्य प्रदेश सरकार ने भी बीते दिनों उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा दिया था हालांकि इस प्रस्ताव को उन्होंने स्वीकार नहीं किया था.

भय्यूजी महाराज के भक्तों में देश की कई नामी हस्तियां भी शामिल हैं. पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटील, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे, गायिका लता मंगेशकर, आशा भोंसले और अनुराधा पौडवाल जैसी हस्तियों से उनके घनिष्ठ संबंध रहे हैं.

भय्यूजी महाराज ने अन्ना हजारे के आंदोलन के दौरान उनके और सरकार के साथ बातचीत में अहम भूमिका निभाई थी. दोनों पक्षों में आपसी सहमति बनने के बाद अन्ना हजारे ने भय्यूजी के हाथ से ही जूस पीकर अनशन तोड़ा था. प्रधानमंत्री बनने से पहले जब गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी सद्भावना उपवास पर बैठे तो उन्होंने भी भय्यूजी महाराज के हाथों ही व्रत खोला था.

आध्यात्म के क्षेत्र में आने से पहले भय्यू महाराज कपड़ों के एक जाने-माने ब्रांड के लिए मॉडलिंग भी कर चुके हैं. गृहस्थ संत का जीवन बिताने वाले भय्यूजी महाराज बीते साल ही दूसरी बार शादी के बंधन में बंधे थे. उनकी दूसरी पत्नी पेशे से डॉक्टर हैं. जबकि उनकी पहली पत्नी का निधन दो साल पहले हुआ था. उनसे भय्यूजी की एक बेटी है जो पुणे में रहती है.