बीते 65 वर्षों में अमेरिका और उत्तर कोरिया के राष्ट्राध्यक्षों के बीच पहली मुलाकात को आज के अधिकतर अखबारों ने तस्वीरों के साथ पहले पन्ने पर जगह दी है. मंगलवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग-उन ने सिंगापुर के सेंटोसा द्वीप पर स्थित एक होटल में 45 मिनट तक बातचीत की. इसके बाद डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वे किम जोंग-उन के साथ मिलकर एक नया इतिहास लिखने के लिए तैयार हैं. उन्होंने आगे कहा, ‘किम प्रतिभाशाली हैं जो अपने देश से बहुत अधिक प्यार करते हैं. हम उन्हें व्हाइट हाउस में न्यौता देंगे.’ वहीं, उत्तर कोरिया के शासक ने कहा, ‘हमने बीती बातों को पीछे छोड़ने का फैसला किया है. दुनिया अब एक बड़ा बदलाव देखेगी.’

उधर, भारत ने इस मुलाकात का स्वागत किया है. विदेश मंत्रालय ने उम्मीद जताई है कि कोरियाई द्वीप के मुद्दे का समाधान करते वक्त उत्तर कोरिया के परमाणु हथियारों पर भी ध्यान दिया जाएगा. साथ ही, पाकिस्तान की भूमिका के संबंध में भी भारत की चिंताओं का ख्याल रखा जाएगा.

राजस्थान : सरकारी स्कूलों में हर तीसरे शनिवार संत-महात्माओं के प्रवचन

राजस्थान की भाजपा सरकार ने स्कूली शिक्षा को लेकर एक बड़ा विवादास्पद फैसला लिया है. नवभारत टाइम्स में प्रकाशित खबर के मुताबिक सूबे के सरकारी स्कूलों में सहशैक्षणिक गतिविधियों के तहत महीने के प्रत्येक तीसरे शनिवार को संत-महात्माओं के प्रवचन आयोजित किए जाएंगे. राज्य शिक्षा विभाग द्वारा जारी साल 2018-19 के शैक्षणिक कैलेंडर में इसका जिक्र किया गया है. इसके अलावा पहले शनिवार को महापुरुषों का जीवन परिचय छात्रों को सुनाया जाएगा. साथ ही, दूसरे शनिवार को प्रेरणा देने वाली कहानियां और नैतिक मूल्यों के बारे में बताया जाएगा. वहीं, चौथे शनिवार को क्विज का आयोजन किया जाएगा. इनके अलावा पांचवें शनिवार को नैतिक मूल्यों पर नाटक के साथ-साथ राष्ट्रभक्ति गीत का आयोजन किया जाएगा.

हर साल इलाज पर खर्च की वजह से करीब 5.5 करोड़ लोग गरीबी की मार झेलने के लिए मजबूर

देश में अपने इलाज पर खर्च की वजह से करीब 5.5 करोड़ लोग हर साल गरीबी की मार झेलने के लिए मजबूर हो जाते हैं. इनमें से 3.8 करोड़ लोगों की गरीबी की वजह केवल दवाइयों पर होने वाला खर्च है. द टाइम्स ऑफ इंडिया ने द पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन की एक रिपोर्ट के हवाले से इस खबर को छापा है. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि गैर-संक्रामक रोगों जैसे- कैंसर, दिल की बीमारी और डायबिटीज की इसमें सबसे बड़ी हिस्सेदारी है. बताया जाता है कि ‘द ड्रग प्राइस कंट्रोल ऑर्डर’-2013 के तहत सभी जीवनरक्षक दवाइयों को कीमत नियंत्रण के दायरे में लाया गया था. हालांकि, यह कुल रीटेल फार्मेसी बाजार का केवल 20 फीसदी हिस्सा ही है. इसके अलावा सस्ती दवाइयों के लिए केंद्र सरकार ने देशभर में 3000 जन औषधि केंद्र (अमृत) खोलने का दावा किया है. हालांकि, इन केंद्रों पर भी 600 में से केवल 100 से 150 के बीच दवाइयों की किस्में उपलब्ध होती हैं.

सरकार एयर इंडिया की 100 फीसदी हिस्सेदारी बेच सकती है

केंद्र सरकार अपनी विमानन कंपनी एयर इंडिया की बिक्री की शर्तों में बदलाव कर सकती है. वह इसमें 24 फीसदी हिस्सेदारी रखने का मोह छोड़ सकती है. बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक एयर इंडिया बिक्री के रास्ते में यह बाधा बन रही है. इसके अलावा एक साल तक कर्मचारियों को कंपनी के साथ बनाए रखने का प्रावधान और तीन साल तक विमानन कंपनी का परिचालन बिना किसी दखल के करने जैसी शर्तों को भी प्रतिकूल माना जा रहा है. अखबार ने आधिकारिक सूत्रों के हवाले से कहा है कि एयर इंडिया के विनिवेश पर गठित समिति की जल्द ही एक बैठक हो सकती है. इसमें अगले कदम की योजना बनाई जाएगी. इसके बाद इसकी सिफारिशों पर एयर इंडिया के लिए गठित मंत्रिसमूह निर्णय करेगा. इस बीच, सरकार एयर इंडिया में 3,200 करोड़ रुपये की पूंजी डालने की तैयारी में है. इससे पहले अप्रैल, 2012 में घोषित बेलआउट पैकेज के तहत पहले ही सरकार इस विमानन कंपनी में 26,000 करोड़ रुपये से अधिक की पूंजी डाल चुकी है.

बांग्लादेश : एक लेखक और प्रकाशक की हत्या

भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश में एक लेखक और प्रकाशक की पांच अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी. अमर उजाला में छपी खबर के मुताबिक हमलावरों ने हत्या से पहले 60 साल के शाहजहां बच्चू को एक दवाई की दुकान से घसीटकर बाहर निकाला था. इस दुकान पर वे अपने एक दोस्त से मिलने गए थे. बताया जाता है कि उनका प्रकाशन घर अधिकतर कविताओं की किताबें छापता है. कुछ साल पहले बांग्लादेश में धर्मनिरपेक्ष ब्लॉगरों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं पर लगातार हमले की घटनाएं सामने आई थीं. इस हत्याकांड को अब उसी कड़ी से जोड़कर देखा जा रहा है.