कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर एक बार फिर करारा हमला बोला है. द वीक के मुताबिक बुधवार को मुंबई में राहुल गांधी ने कहा, ‘आज पूरा देश चाहता है कि विपक्षी दल एकजुट होकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के खिलाफ खड़े हों. प्रधानमंत्री जिस तरह से संविधान और संवैधानिक संस्थाओं की अनदेखी कर रहे हैं वह गलत है.’

पत्रकारों से बातचीत करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि केंद्र सरकार सिर्फ अमीरों को फायदा पहुंचाने के लिए काम कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकर को आम आदमी के हितों की कोई चिंता नहीं है. राहुल गांधी का कहना था, ‘प्रधानमंत्री अगर वाकई आम लोगों के लिए चिंतित होते तो अब तक पेट्रोल-डीजल को वस्तु और सेवाकर (जीएसटी) के दायरे में लाया जा चुका होता. लेकिन सरकार की ऐसा करने में कोई दिलचस्पी नहीं है.’

जीएसटी को ‘गब्बर सिंह टैक्स’ बताते हुए राहुल गांधी ने आगे कहा कि इस व्यवस्था से कारोबारियों में निराशा है और छोटे व्यापारी तो इससे बहुत ज्यादा परेशान हैं. इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री पर समाज को बांटने का आरोप भी लगाया. उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार देने के मोर्चे पर सरकार फेल रही है और उसने किसानों के साथ भी विश्वासघात किया है. हालांकि जब राहुल गांधी से पूछा गया कि इस महागठबंधन का नेतृत्व कौन करेगा तो इस बारे में उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया.