एयरसेल-मैक्सिस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को कार्ति चिदंबरम और चार अन्य आरोपितों के खिलाफ दिल्ली की अदालत में चार्जशीट पेश कर दी है. खबरों के मुताबिक इस चार्जशीट में जांच एजेंसी ने कार्ति चिदंबरम को मनी लॉन्डरिंग रोकथाम अधिनियम की धारा-4 (मनी लॉन्डरिंग के लिए सजा) के तहत आरोपित बनाया है. पटियाला हाउस कोर्ट की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रूबी अलका गुप्ता ने इस चार्जशीट पर चार जुलाई को विचार किए जाने की बात कही है.

प्रवर्तन निदेशालय की चार्जशीट में कार्ति चिदंबरम के पिता और पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिंदबरम का नाम आरोपित के रूप में नहीं आया है लेकिन उनके नाम का कई जगहों पर उल्लेख है. ईडी ने पी चिदंबरम पर एयरसेल मैक्सिस सौदे को अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर मंजूरी देने का आरोप लगाया है और उनकी भूमिका की जांच कर रहा है. बुधवार को जांच एजेंसी ने अदालत को बताया कि वह इस मामले में पूरक चार्जशीट भी दाखिल कर सकती है.

ईडी के मुताबिक एयरसेल-मैक्सिस सौदे को मंजूरी दिलाने के ऐवज में पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम और उनके एक भतीजे की कंपनी को सॉफ्टवेयर संबंधी सलाह देने के लिए मैक्सिस से दो लाख डॉलर मिले थे. इस मामले में कार्ति चिदंबरम को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और ईडी की गिरफ्तारी से 10 जुलाई तक के लिए राहत मिली हुई है.