समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आज ‘बंगला विवाद’ को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर पलटवार किया है. लखनऊ स्थित सरकारी बंगले को खाली करते समय उसमें तोड़-फोड़ करने के आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा है, ‘उस बंगले से सिर्फ उन चीजों को निकलवाया गया है जो मैंने खुद लगवाई थीं.’

इसके साथ ही सपा अध्यक्ष ने बंगले को नुकसान पहुंचाए जाने संबंधी खबरों और तस्वीरों को साजिश का हिस्सा बताया है. इस दौरान अखिलेश ने उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा हाल के उपचुनावों में मिली हार से हताश होकर बदले की भावना से काम कर रही है.

सत्याग्रह को बंगला खाली होने के बाद की तस्वीरें मिली हैं. इन्हें देखकर साफ पता चलता है कि बंगले से काफी कुछ उखाड़कर निकलवाया गया है. मसलन, बंगले में एक भी एयर-कंडीशनर नहीं है और नीचे दी गई तस्वीरों से पता चलता है कि ये सभी निकाल लिए गए हैं.

बिजली के दूसरे सामान जैसे स्विच बोर्ड, बल्ब आदि भी यहां गायब हैं.

इस बंगले में लिफ्ट लगी हुई थी. उसका भी इलेक्ट्रॉनिक सामान निकाल लिया गया है.

बिजली का सामान निकालने की वजह से बंगले की कई दीवारों के हिस्से उखड़े हुए हैं.

वहीं, कुछ कमरों का फर्श देखकर लगता है कि यहां से टाइल्स उखाड़े गए हैं.

बंगले के बाहर बगीचे में मौजूद बिजली के लैंप तक निकाल लिए गए हैं.

बंगले की इस हालत पर अखिलेश यादव भले ही अपनी सफाई दे रहे हों, लेकिन यहां सवाल उठता है कि उन्होंने इस बंगले में निजी खर्च से क्या इतनी सारी और बल्ब-स्विच जैसी छोटी-मोटी चीजें भी लगवाई थीं! हालांकि इसके साथ सवाल यह भी है कि क्या यह सारा सामान उन्होंने ही निकलवाया है या सरकारी बंगला खाली होने के बाद ऐसा किया गया है. फिलहाल उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर बंगले में तोड़-फोड़ के मामले में उचित कार्रवाई करने को कहा है. आगे यह देखना बड़ा ही दिलचस्प होगा कि इस तोड़फोड़ के लिए पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को कैसे जिम्मेदार ठहराया जाता है और उनके खिलाफ क्या कार्रवाई होती है.