कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का भाजपा पर हमला जारी है. बुधवार को मुंबई में उन्होंने कहा, ‘आज पूरा देश चाहता है कि विपक्षी दल एकजुट होकर भाजपा और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के खिलाफ खड़े हों.’ उनके इस बयान को आज के कई अखबारों ने प्रमुखता से छापा है. राहुल गांधी ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री जिस तरह से संविधान और संवैधानिक संस्थाओं की अनदेखी कर रहे हैं वह गलत है. कांग्रेस अध्यक्ष ने एक बार फिर मोदी सरकार पर केवल अमीरों को फायदा पहुंचाने के लिए काम करने का आरोप भी लगाया.

उधर, केंद्र सरकार ने विश्वविद्यालय और कॉलेजों में शिक्षकों की भर्ती और प्रमोशन की शर्तों में व्यापक बदलाव किए हैं. इसके तहत साल 2021 से प्रमोशन या असिस्टेंट प्रोफेसरों के पद पर सीधी भर्ती के लिए पीएचडी न्यूनतम योग्यता होगी. यह खबर भी आज अखबारों की प्रमुख सुर्खियों में शामिल है. सरकार की मानें तो इन नए नियमों को प्रतिभाशाली लोगों को आकर्षित करने के मकसद से लाया गया है. अब तक इसके लिए मास्टर डिग्री और राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) पास होना पर्याप्त योग्यता थी.

ब्लड बैंकों में हर साल एक लाख लीटर खून बर्बाद

देश में जरूरतमंद मरीजों के लिए खून की कमी के बावजूद हर साल औसतन एक लाख लीटर खून बर्बाद हो जाता है. हिन्दुस्तान में छपी खबर के मुताबिक बीते पांच साल में 28 लाख यूनिट (करीब छह लाख लीटर) खून बर्बाद हो गया. इसकी वजह भंडारण और रख-रखाव की प्रक्रिया में कमी को बताया गया है. वहीं, नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (सीएजी) की एक रिपोर्ट की मानें तो दिल्ली में 47 फीसदी ब्लड बैंक बिना लाइसेंस के ही चल रहे है. देश में हर साल करीब 95 लाख भारतीय रक्तदान करते हैं.

प्रधानमंत्री कृषि बीमा योजना से किसानों का मोहभंग

फसल नुकसान से राहत के लिए शुरू की गई प्रधानमंत्री कृषि बीमा योजना से किसानों का ही मोहभंग होता हुआ दिख रहा है. दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक साल दर साल इसकी कवरेज में कमी आने की वजह से सरकार के माथे पर बल पड़ गए हैं. इस योजना की खामियों को दूर करने के लिए बुधवार को प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में एक बैठक बुलाई गई थी. इसमें कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह भी मौजूद थे. बताया जाता है कि देश में कुल खेतिहर जमीन का रकबा 20 करोड़ हेक्टेयर है. इनमें से आधे को साल 2018-19 तक फसल बीमा योजना में शामिल करने का लक्ष्य तय किया गया है. इसके लिए चालू वित्तीय वर्ष में 13,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. हालांकि, साल 2016-17 में छह करोड़ हेक्टेयर को इस योजना के दायरे में लाया गया था जो 2017-18 में घटकर 4.76 करोड़ हेक्टेयर रह गया है.

राम विलास पासवान ने प्रशासनिक सेवाओं में लैटरल एंट्री को लेकर सवाल उठाया

केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान ने प्रशासनिक सेवाओं में लैटरल एंट्री को लेकर सवाल उठाया है. द हिंदू की खबर के मुताबिक उन्होंने पूछा है कि क्या इसमें आरक्षण का प्रावधान लागू होगा. बीते हफ्ते अलग-अलग केंद्रीय विभागों में संयुक्त सचिव के पद की नियुक्ति के लिए अधिसूचना जारी की गई थी. इसमें निजी क्षेत्र में कम से कम 15 साल का अनुभव रखने वाले उम्मीदवारों का केवल साक्षात्कार के आधार पर चयन किए जाने की बात कही गई है. बताया जाता है कि राम विलास पासवान ने दलित मुद्दों पर बुलाई गई मंत्रियों के समूह की बैठक में यह बात उठाई. अखबार ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि इसी बैठक में मौजूद प्रधानमंत्री कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसमें आरक्षण लागू होने से इनकार किया है.

मध्य प्रदेश : राज्य गौ संरक्षण बोर्ड के अध्यक्ष को कैबिनेट मंत्री का दर्जा

मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार ने राज्य गौ संरक्षण बोर्ड के अध्यक्ष स्वामी अखिलेश्वरानंद को कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया है. उन्होंने खुद इस खबर की पुष्टि की है. द टाइम्स ऑफ इंडिया में प्रकाशित खबर के मुताबिक इससे पहले स्वामी अखिलेश्वरानंद ने विवादास्पद धार्मिक गुरुओं के साथ नर्मदा संरक्षण पैनल में खुद को शामिल किए जाने पर निराशा जाहिर की थी. बीते अप्रैल में इन धार्मिक गुरुओं को सरकार ने राज्य मंत्री का दर्जा दिया था.