पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने देश के पूर्व सैन्य शासक परवेज मुशर्रफ को 14 जून की दोपहर दो बजे तक स्वदेश लौटने का आदेश दिया है. इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी साफ किया है कि अगर परवेज मुशर्रफ तय वक्त तक पाकिस्तान नहीं लौटते तो उन्हें आगामी चुनाव में हिस्सा नहीं लेने दिया जाएगा. एनडीटीवी के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने यह बात परवेज मुशर्रफ की तरफ से 2015 में दायर एक मामले की सुनवाई के दौरान कही. मुशर्रफ ने यह केस साल 2013 के आम चुनाव के दौरान उनका नामांकन खारिज किए जाने के विरोध में दाखिल किया था.

खबरों के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस साकिब निसार ने कहा, ‘परवेज मुशर्रफ एक कमांडो हैं. स्वदेश लौटने के लिए नेताओं की तरह उन्हें सिर्फ वायदे नहीं करते रहना चाहिए. परवेज मुशर्रफ को भला किस चीज का डर है? एक कमांडो भी भला किसी बात से भयभीत हो सकता है?’ सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा है कि अगर परवेज मुशर्रफ कोर्ट के समक्ष उपस्थित नहीं होते तो उनके इस मामले में कानून के अनुसार फैसला सुनाया जाएगा.

इससे पहले मार्च 2016 में बीमारी को वजह बताते हुए परवेज मुशर्रफ संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) चले गए थे. इसके बाद से वे वहीं पर हैं. उधर पाकिस्तान की भूतपूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की हत्या के मामले में उन्हें भगोड़ा करार दिया जा चुका है. मुशर्रफ पर देशद्रोह का मामला भी चल रहा है. इससे पहले बीते महीने पाकिस्तान की इंटीरियर मिनिस्ट्री (गृह मंत्रालय) ने उनकी राष्ट्रीय पहचान और पासपोर्ट को निलंबित करने के लिए भी कहा था.