मई में खुदरा महंगाई दर के साथ थोक महंगाई दर में भी जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है. गुरुवार को जारी केंद्रीय सांख्यिकी संगठन (सीएसओ) के आकंड़ों के अनुसार मई में थोक मूल्य सूचकांक (डब्लूपीआई) 4.43 फीसदी पहुंच गया जो बीते 14 महीने का सबसे ऊंचा स्तर है. इस साल अप्रैल में थोक महंगाई दर 3.18 फीसदी थी, वहीं बीते साल मई में 2.26 फीसदी थी.

सीएसओ के मुताबिक अप्रैल में 0.87 फीसदी बढ़ोतरी की तुलना में मई में खाद्य पदार्थों की कीमत 1.6 फीसदी बढ़ी. वहीं, सब्जियों की कीमत 2.51 फीसदी बढ़ गई. इसमें आलू की कीमत सबसे ज्यादा 81.93 फीसदी की बढ़ोतरी हुई. इसके पीछे पेट्रोल और डीजल की कीमत में इजाफे को वजह माना जा रहा है, जिसकी कीमत मई में 11.25 फीसदी और अप्रैल में 7.85 फीसदी बढ़ी थी.

रिपोर्ट के मुताबिक आईसीआरए के प्रमुख अर्थशास्त्री अदिति नय्यर ने कहा कि अप्रैल के मुकाबले मई में थोक महंगाई में उछाल उद्योगों की इनपुट लागत बढ़ने और रुपये के कमजोर होने का संकेत है. उन्होंने यह भी कहा, ‘जुलाई-सितंबर की तिमाही में थोक महंगाई दर में कमी आने से पहले इसमें 0.80 फीसदी की और बढ़ोतरी होगी.’ महंगाई की चुनौती को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बीते हफ्ते ब्याज दरों में 0.24 प्रतिशत अंक का इजाफा कर दिया था. इसके बाद नया रेपो रेट 6.25 फीसदी और नया रिवर्स रेपो रेट छह फीसदी हो गया है.