मेरे पास एक चपरासी का भी तबादला करने भर का अधिकार नहीं है.

— अरविंद केजरीवाल, दिल्ली के मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का यह बयान दिल्ली सरकार की शक्तियों को सीमित किए जाने का आरोप लगाते हुए आया. उन्होंने कहा, ‘पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के पास ज्यादा शक्तियां थीं, वे अधिकारियों के तबादले कर सकती थीं’ आईएएस अधिकारियों की अघोषित हड़ताल पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भाजपा अधिकारियों पर हड़ताल जारी रखने के लिए दबाव बना रही है. उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए कि वे भाजपा के साथ हैं या दिल्ली की जनता के. उपराज्यपाल अनिल बैजल के घर पर छह दिन से जारी धरने के बारे में दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने मजबूरी में यह कदम उठाया है, क्योंकि आईएएस अधिकारी बीते तीन महीने से हड़ताल पर हैं.

‘2019 तक मेरी सरकार को कोई नहीं छुएगा.’

— एचडी कुमारस्वामी, कर्नाटक के मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी का यह बयान कांग्रेस के साथ बनी साझा सरकार भविष्य को लेकर आया. उन्होंने कहा, ‘जब तक (2019 में) लोक सभा चुनाव खत्म नहीं हो जाते, कम से कम एक साल तक मैं यहां रहने वाला हूं,’ एचडी कुमारस्वामी ने आगे कहा कि जुलाई के पहले हप्ते में राज्य का बजट पेश किया जाएगा. उनका यह भी कहना था कि किसानों की कर्जमाफी पर बातचीत चल रही है, जल्द फैसला किया जाएगा. गुरुवार को कांग्रेस और जेडीएस सदस्यों वाली समन्वय समिति ने सरकार का साझा न्यूनतम कार्यक्रम बनाने के लिए एक समिति गठित करने की घोषणा की थी.


‘साथ में तस्वीर खिंचाने भर से कोई हमारा कार्यकर्ता नहीं हो जाता.’

— प्रमोद मुथालिक, श्रीराम सेना के अध्यक्ष

श्रीराम सेना प्रमुख प्रमोद मुथालिक का यह बयान गौरी लंकेश हत्याकांड के आरोपित परशुराम वाघमारे के साथ अपने रिश्तों को खारिज करते हुए आया. उन्होंने कहा, ‘परशुराम का श्रीराम सेना से कोई रिश्ता नहीं है. मैं नहीं जानता कि उसने विशेष जांच दल के सामने क्या कहा है.’ इस मामले की जांच कर रही एसआईटी ने 12 जून को परशुराम वाघमारे को गिरफ्तार किया था. इस बीच कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री जी परमेश्वर ने कहा है कि हत्या की जांच पूरी होने के बाद चार्जशीट पेश हो जाएगी और उससे आगे कानून अपना काम करेगा. उन्होंने जांच प्रभावित होने की आशंका जताते हुए और ज्यादा जानकारी देने से इनकार कर दिया.


‘2020 में सिख जनमत संग्रह का कभी समर्थन नहीं किया.’

— सुखपाल सिंह खैरा, पंजाब में आम आदमी पार्टी के नेता

आप नेता सुखपाल सिंह खैरा का यह बयान मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के आरोपों के जवाब में आया. उन्होंने कहा, ‘किसी ने अखबार में गलत रिपोर्ट छाप दी. मुख्यमंत्री उसी पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं.’ सुखपाल सिंह खैरा ने आगे कहा, ‘सच तो यह है कि मैंने पांच बार भारतीय संविधान में निष्ठा जताते हुए चुनाव लड़ा है.’ इससे पहले मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा था, ‘पंजाब और इसके लोगों ने वर्षों तक अलगाववादी आंदोलन की पीड़ा सही है.’ सुखपाल सिंह खैरा पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री का कहना था कि विवादित जनमत संग्रह का समर्थन करने वाला देश की अखंडता का हिमायती नहीं हो सकता है.


‘सेना को रक्षात्मक स्थिति में बने रहने का आदेश दिया गया है.’

— अशरफ गनी, अफगानिस्तान के राष्ट्रपति

राष्ट्रपति अशरफ गनी का यह बयान तालिबान के साथ संघर्ष विराम आगे भी जारी रखने का ऐलान करते हुए आया. उन्होंने कहा कि तालिबान को भी अपने तीन दिन के संघर्ष विराम को आगे बढ़ाने पर विचार करना चाहिए. राष्ट्रपति अशरफ गनी ने यह भी कहा कि संघर्ष विराम को आगे बढ़ाने का ब्यौरा बाद में दिया जाएगा. हालांकि, शनिवार को नांगरहार प्रांत में सुरक्षाबलों और तालिबान लड़ाकों के ईद मिलन के कार्यक्रम में कार बम धमाके में 26 लोगों की मौत हो गई. तालिबान ने इसकी जिम्मेदारी लेने से इनकार किया है. अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि संघर्ष विराम को आगे बढ़ाने का ऐलान करते समय राष्ट्रपति अशरफ गनी को इस धमाके की जानकारी थी या नहीं.