प्रणब मुखर्जी से जुड़ी अटकलों पर उनकी बेटी की सफाई, कहा – वे सक्रिय राजनीति में नहीं लौटेंगे | सोमवार, 11 जून 2018

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की सक्रिय राजनीति में वापसी की अटकलों को उनकी बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी ने खारिज कर दिया. शिव सेना के सांसद संजय राउत के एक बयान के जवाब में ट्विटर पर उन्होंने लिखा, ‘भारत के राष्ट्रपति के पद से रिटायर होने के बाद मेरे पिता सक्रिय राजनीति में नहीं लौटने जा रहे हैं.’ कांग्रेस नेता शर्मिष्ठा मुखर्जी इससे पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यक्रम में जाने के अपने पिता के फैसले पर भी सवाल उठाया था. इस मौके को दुष्प्रचार के लिए इस्तेमाल किए जाने की आशंका जताते हुए उन्होंने कहा था कि पूर्व राष्ट्रपति की असल बातों को भुला दिया जाएगा और उनकी तस्वीरों को फर्जी बयानों के साथ प्रचारित किया जाएगा.

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने बीते हफ्ते नागपुर स्थित आरएसएस मुख्यालय में एक कार्यक्रम को संबोधन किया था. इसके बाद से ही उनकी सक्रिय राजनीति में वापसी की अटकलें लगाई जाने लगी थीं. इस आयोजन को आगामी लोक सभा चुनाव से जोड़ते हुए शिव सेना सांसद संजय राउत ने कहा था, ‘हमें लगता है कि आरएसएस खुद को उस स्थिति के लिए तैयार कर रहा है, जिसमें भाजपा को पर्याप्त संख्या न मिलने पर प्रणब मुखर्जी जी को प्रधानमंत्री के रूप में आगे किया जा सके.’ उनका यह भी कहना था कि इस समय आम चुनाव में भाजपा कम से कम 110 सीटें हार जाएगी.

उत्तराखंड हाई कोर्ट के जज के खिलाफ अदालत की अवमानना का मामला दर्ज | मंगलवार, 12 जून 2018

उत्तराखंड हाई कोर्ट के जज जस्टिस लोकपाल सिंह के खिलाफ अदालत की अवमानना का मामला दर्ज किया गया. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक वकील सीके शर्मा ने यह मामला दर्ज कराया है. उनका आरोप है कि जस्टिस लोकपाल सिंह ने वकीलों के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया. इनमें एक पूर्व जज और एक महिला वकील भी शामिल हैं.

खबर के मुताबिक जस्टिस लोकपाल सिंह ने सीके शर्मा और उनकी सहयोगी सोनिया से दुर्व्यवहार किया था. साथ ही उन्हें जेल भेजने की धमकी भी दी. सोमवार को उन्होंने सिंह के खिलाफ याचिका दायर कर दी. अमर उजाला के मुताबिक यह संभवत: पहला ही मामला है जिसमें हाईकोर्ट के किसी वर्तमान जज के खिलाफ अवमानना याचिका दाखिल की गई हो.

गौरी लंकेश के संदिग्ध हत्यारों की हिट लिस्ट में गिरीश कर्नाड भी थे | बुधवार, 13 जून 2018

पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता गौरी लंकेश के संदिग्ध हत्यारों की हिट लिस्ट में सिनेमा और रंगमंच के बड़े नाम गिरीश कर्नाड सहित अकादमिक जगत के कई लोग शामिल थे. द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक गौरी लंकेश हत्याकांड की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) की तहकीकात में यह बात पता चली है. एसआईटी ने इन संदिग्ध हत्यारों के पास एक डायरी बरामद की है. इसमें ऐसे कई लोगों का जिक्र है जिन्हें कट्टरपंथी हिंदुत्व के खिलाफ उनके जोरदार विचारों के लिए जाना जाता है. इनमें ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता साहित्यकार बीटी ललिता नाइक, निदुमामिडी मठ के प्रमुख वीरभद्र चन्नामल्ला स्वामी और तर्कवादी सीएस द्वारकानाथ शामिल हैं.

बीते साल पांच सितंबर को गौरी लंकेश की बेंगुलुरू स्थित उनके घर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस मामले में पुलिस अब तक छह संदिग्धों को गिरफ्तार कर चुकी है. एक गिरफ्तारी तो बीते मंगलवार को ही हुई है. एसआइटी ने महाराष्ट्र के विजयपुरा जिले से 26 वर्षीय परशुराम वाघमारे को गिरफ्तार किया है. फिलहाल वह 14 दिन के लिए एसआईटी की हिरासत में है. पिछले हफ्ते एक बेंगलुरु अदालत में पेश की गई एक फॉरेंसिक रिपोर्ट में एसआईटी ने कहा था कि गौरी लंकेश और कन्नड़ लेखक एमएम कलबुर्गी को मारने के लिए एक ही बंदूक का इस्तेमाल किया गया था.

धोखेबाज एनआरआई पतियों को सबक सिखाने के लिए केंद्र सरकार कानून में बदलाव करेगी | गुरूवार, 14 जून 2018

केंद्र सरकार पत्नियों को धोखा देकर विदेश में बसने वाले अप्रवासी (एनआरआई) पतियों को झटका देने की तैयारी में है. खबर है कि सरकार कानून में बदलाव कर ऐसे पतियों की संयुक्त संपत्ति का हिस्सा जब्त कर सकती है जो कोर्ट के समन को जानबूझकर नजरअंदाज करते हैं. साथ ही उनके पासपोर्ट भी जब्त या रद्द किए जा सकते हैं.

दरअसल सरकार के सामने ऐसे कई मामले आए हैं जिनमें एनआरआई पति अच्छी जिंदगी के सब्जबाग दिखाकर महिलाओं से शादी करते हैं और जल्द ही उन्हें छोड़ कर चले जाते हैं. पंजाब से ऐसे मामले सबसे ज्यादा सामने आते हैं. इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय मंत्रियों के समूह ने कुछ जरूरी उपाय सुझाए हैं. खबर के मुताबिक इनसे एनआरआई पतियों के धोखा देने के चलन पर रोक लगेगी, साथ ही पत्नियों को भी न्याय मिल सकेगा.

बताया जा रहा है कि विदेश मंत्रालय नए नियमों को तय करने का काम करेगा. इनके तहत एक वेबसाइट बनाना भी शामिल है जहां कोर्ट के उन समनों को दिखाया जाएगा जिनका जवाब एनआरआई पति नहीं देते. इसके अलावा अदालत के नोटिस का जवाब नहीं देने वाले एनआरआई पतियों के पासपोर्ट भी जब्त हो जाएंगे और उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया जाएगा. किसी एनआरआई शादी का 48 घंटे के अंदर पंजीकरण कराना भी इन्हीं उपायों के तहत अनिवार्य किया गया है.

क्यों पानी को लेकर नीति आयोग की यह चेतावनी भारत के लिए एक बड़े संकट का इशारा है | शुक्रवार, 15 जून 2018

भारत इतिहास में अब तक के सबसे भीषण पानी के संकट का सामना कर रहा है. गुरुवार को नीति आयोग ने कम्पोजिट वाटर मैनेजमेंट इंडेक्स (सीडब्ल्यूएमआई) की रिपोर्ट जारी करते हुए यह बात कही. आयोग का कहना है कि इस संकट के चलते लाखों लोगों की आजीविका और जिंदगी खतरे में है. बिजनेस स्टैंडर्ड के मुताबिक आयोग ने चेतावनी भी दी है कि हालात और बदतर होने वाले हैं. उसके मुताबिक साल 2030 तक देश में पानी की मांग मौजूदा आपूर्ति से दोगुनी हो सकती है.

आयोग की बातों से संकेत मिलते हैं कि भारत में करोड़ों लोगों के लिए पानी की उपलब्धता गंभीर रूप से कम हो सकती है. कहा जा रहा है कि इससे देश का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) छह प्रतिशत तक कम हो सकता है. आयोग के मुताबिक भारत में इस समय 60 करोड़ लोग पानी के संकट से प्रभावित हैं. साफ और सुरक्षित पानी नहीं मिलने की वजह से हर साल करीब दो लाख लोगों की मौत होती है. नीति आयोग का कहना है कि पानी के मुद्दे पर केंद्र और राज्यों को आपसी सहयोग में सुधार लाने की जरूरत है. आयोग ने कहा, ‘(सहयोग में कमी की वजह से) देश की नदियों को लेकर सात बड़े विवाद चल रहे हैं जिनमें 11 राज्य शामिल हैं. कृषि प्रोत्साहन जैसी नीतियों को लेकर भी तालमेल सीमित है.’

उत्तर प्रदेश : नए स्कूली पाठ्यक्रम में नाथ पंथ के गुरुओं से जुड़े अध्याय शामिल | शनिवार, 16 जून 2018

उत्तर प्रदेश में दो जुलाई से स्कूलों का नया सत्र शुरू हो रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इस बार पाठ्यक्रम में कुछ अन्य महान व्यक्तियों से जुड़े अध्याय जोड़े गए हैं. इनमें नाथ पंथ के देवता बाबा गोरखनाथ, संत गंभीरनाथ, स्वतंत्रता सेनानी बंधु सिंह, रानी अवंती बाई और 12वीं सदी के दो योद्धा भाई आल्हा-ऊदल से जुड़े अध्याय पाठ्यक्रम में शामिल होंगे.

हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक योगी आदित्यनाथ ने राज्य के बेसिक शिक्षा विभाग को निर्देश दिए थे कि वह पाठ्यक्रम में उन महान लोगों को भी शामिल करे जिन्हें पहले की सरकारों के समय में नजरअंदाज किया गया था. इस पर विभाग के अधिकारी भूपेंद्र नारायण ने कहा, ‘इस बार किताब में कुछ बदलाव किए गए हैं. जल्द ही इन्हें कक्षा एक से आठ के बच्चों में बांट दिया जाएगा.’ विभाग के मुताबिक बच्चों में वितरण के लिए आठ लाख से ज्यादा किताबें गोरखपुर आ चुकी हैं. जल्द ही इन्हें मॉडल और अपर प्राइमरी स्कूलों में बांट दिया जाएगा.

जम्मू-कश्मीर : रमजान निकलते ही सरकार ने आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन को बहाल किया | रविवार, 17 जून 2018

रमजान निकलते ही सरकार ने जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ ‘ऑपरेशन ऑल आउट’ को हरी झंडी दिखा दी है. रमजान के दौरान एकतरफा संघर्ष विराम की घोषणा के बावजूद हुए कई आतंकी हमलों और हिंसा की घटनाओं को देखते हुए केंद्र सरकार ने यह फैसला लिया है.

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने इसकी जानकारी देते हुए बताया, ‘सुरक्षाबलों ने रमजान के महीने में शांति बरती और कोई कठोर कदम नहीं उठाया. यह फैसला जम्मू-कश्मीर के शांतिप्रिय लोगों के हित में लिया गया था ताकि रमजान के पाक महीने में खून-खराबे का माहौल न रहे...लेकिन, इस दौरान आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों और आम नागरिकों पर हमले जारी रखे जिसकी वजह से सैनिकों व आम नागरिकों की मौत हुई और घायल भी हुए.’

गृहमंत्री ने आगे कहा कि जम्मू-कश्मीर में आतंक और हिंसा से मुक्त वातावरण बनाने के लिए सुरक्षाबलों को आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दे दिए गए हैं.