आईएएस अधिकारियों की कथित हड़ताल के खिलाफ उपराज्यपाल (एलजी) के आवास में भूख हड़ताल पर बैठे दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की भी सेहत बिगड़ गई है. इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. मनीष सिसोदिया से पहले यहां अनशन पर बैठे दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन की रविवार रात तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें दिल्ली के लोक नायक जय प्रकाश नारायण अस्पताल में भर्ती कराया गया था.

खबरों के मुताबिक डॉक्टरों ने आज राजनिवास में ही मनीष सिसोदिया के खून की जांच की थी. इसमें उनका कीटोन लेवल 7.4 निकला. इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया. एलजी अनिल बैजल के दफ्तर में अब केवल मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और विकास मंत्री गोपाल राय ही बचे हैं. ये दोनों नेता भूख हड़ताल पर नहीं हैं.

इससे पहले सोमवार को ही दिल्ली हाई कोर्ट ने आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार से पूछा है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को उपराज्यपाल अनिल बैजल के आवास पर धरना देने का अधिकार किसने दिया? खबरों के मुताबिक कोर्ट ने ‘आप’ से कहा है कि केजरीवाल इस तरह से किसी के घर या दफ्तर में घुसकर धरना या हड़ताल नहीं कर सकते. पीटीआई के मुताबिक इस मुद्दे पर दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस एके चावला और नवीन चावला की पीठ ने कहा है, ‘आप (दिल्ली सरकार) एलजी के कार्यालय में बैठे हुए हैं. अगर यह कोई हड़ताल है तो इसे कार्यालय के बाहर होना चाहिए. एलजी का दफ्तर विरोध-प्रदर्शन करने की जगह नहीं है.’

इस बीच देश के अन्य क्षेत्रीय दलों से आम आदमी पार्टी को समर्थन मिलना जारी है. कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, केरल और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्रियों और अन्य राज्यों के प्रमुख क्षेत्रीय दलों के नेताओं के बाद अब शिव सेना ने भी अरविंद केजरीवाल का समर्थन किया है. न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक पार्टी के प्रवक्ता संजय राउत ने कहा है, ‘अरविंद केजरीवाल ने एक अलग तरह का आंदोलन शुरू किया है. (शिव सेना अध्यक्ष) उद्धव ठाकरे ने उनसे बात की है और कहा है कि चुनी हुई सरकार के रूप में केजरीवाल को दिल्ली के लिए काम करने का अधिकार है. उनके साथ जो हो रहा है वह लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है.’