फुटबॉल विश्व कप- 2018 में मंगलवार को अपना पहला मुकाबला खेलने उतरी जापान की टीम ने बड़ा उलटफेर करते हुए कोलंबिया को 2-1 से करारी शिकस्त दी. इस रोमांचक जीत के साथ फुटबॉल विश्वकप के इतिहास में किसी दक्षिण अमेरिकी टीम को परास्त करने वाला जापान पहला देश भी बन गया है.

मोर्दोविया एरेना स्टेडियम के मैदान पर खेले गए इस मुकाबले के तीसरे मिनट में ही कोलंबिया को तगड़ा झटका लगा. इसकी रक्षा पंक्ति के खिलाड़ी कार्लोस सांचेज मोरेना ने गोल के नजदीक एक शॉट को हाथ से रोकने की कोशिश की. इसके लिए उन्हें इस विश्वकप का पहला रेड कार्ड दिखाया गया और बदले में जापान को पेनल्टी दी गई. इस पेनल्टी को शिंजी कगावा ने शानदार शॉट के जरिये गोल में बदल दिया.

इसके बाद मुकाबले में जापान जहां 1-0 से आगे हो गया तो वहीं कोलंबिया अब सिर्फ 10 खिलाड़ियों के साथ खेल रहा था. कोलंबियाई खिलाड़ियों ने फिर भी संघर्ष जारी रखा. यह मेहनत तब रंग लाई जब मैच के 38वें मिनट में जुआन फरक्विंटेरो ने गोल करके स्कोर को 1-1 की बराबरी पर ला दिया. इसके बाद पहले हाफ में कोई और गोल नहीं हुआ.

दूसरे हाफ की शुरुआत से ही दोनों टीमों ने बढ़त बनाने के लिए काफी कोशिशें कीं, मगर किसी को कामयाबी नहीं मिली. वक्त बीतता देख मैच के 69वें मिनट में जापान ने किउस्के होंडा को जबकि कोलंबिया ने बाक्का को मैदान पर उतारा. खिलाड़ी बदलने वाला जापान का यह दांव चल निकला. 72वें मिनट में होंडा ने गेंद को उछालकर कोलंबियाई गोल की तरफ बढ़ाई. इस मौके का फायदा उठाते हुए युया ओसाको ने शानदार हेडर लगाकर जापान के लिए निर्णायक दूसरा गोल कर दिया.