जम्मू-कश्मीर में जारी राजनीतिक उठापठक के बीच वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सैफुद्दीन सोज ने एक विवादित बयान दिया है. उन्होंने इस मसले पर पाकिस्तान के पूर्व सैन्य शासक परवेज़ मुशर्रफ का समर्थन किया. उन्होंने कहा, ‘परवेज़ मुशर्रफ ने (करीब एक दशक पहले) कहा था कि अगर कश्मीरियों से पूछा जाए कि क्या वे पाकिस्तान में विलय चाहते हैं? तो उनका जवाब नहीं में होगा. कश्मीर के लोग यही कहेंगे कि वे आज़ादी चाहते हैं. मुशर्रफ का वह बयान तब भी सही था और आज भी.’

टाइम्स आॅफ इंडिया के मुताबिक सैफुद्दीन सोज ने हालांकि यह भी जोड़ा, ‘कश्मीर के लोग भले आजादी चाहते हैं लेकिन मैं यह जानता हूं कि मौजूदा हालत में यह मुमकिन नहीं है.’ बताया जाता है कि सोज ने इस बारे में अपनी किताब, ‘कश्मीर: ग्ल्म्प्सिेज़ आॅफ हिस्ट्री एंड द स्टोरी आॅफ स्ट्रगल’ में भी विस्तृत चर्चा की है. इस किताब का विमोचन अगले हफ्ते हो सकता है.

इस बीच सोज का यह भी कहना है कि जम्मू-कश्मीर में शांति स्थापना के लिए केंद्र सरकार को अलगाववादी नेताओं के साथ बात करना चाहिए. वैसे यह पहली बार नहीं है जब सोज ने विवादित बयान दिया हो. जुलाई 2017 में उन्होंने कहा था कि अगर उनके वश में होता तो वे आतंकी बुरहान वानी को मरने नहीं देते. भारतीय जनता पार्टी समेत कई राजनीतिक दलों ने तब उनके इस बयान की आलोचना की थी.