कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सैफुद्दीन सोज की तरफ से ‘कश्मीरियों की आजादी’ को लेकर दिए गए विवादित बयान पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ शिव सेना ने भी कड़ी आपत्ति जाहिर की है. भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया जताते हुए कांग्रेसी नेताओं पर अलगाव की राजनीति करने का आरोप लगाया है.

सैफुद्दीन सोज के बयान पर एक ट्वीट में संबित पात्रा ने लिखा है, ‘पिछले दिनों कांग्रेसी नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा था कि सेना की कार्रवाई में चार आतंकवादी तो 20 आम नागरिक मारे जाते हैं. उनके इस बयान का आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने भी समर्थन किया है. अब पार्टी के एक नेता ने कश्मीर की आजादी की बात की है. इससे लगता है कि एक पाकिस्तान भारत के बाहर है और एक पाकिस्तान कांग्रेस के भीतर है.’

भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कांग्रेसी नेता के बयान की आलोचना करते हुए कहा है, ‘जब सोज केंद्रीय मंत्री थे और जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट ने उनकी बेटी का अपहरण कर लिया था तो उन्हें केंद्र से ही मदद मिली थी. ऐसे लोगों की मदद करने का कोई फायदा नहीं है. जो व्यक्ति परवेज मुशर्रफ को पसंद करता हो और देश के संविधान को न मानता हो उसके लिए पाकिस्तान का एकतरफा टिकट कटवा देना चाहिए.’

इस दौरान भाजपा के एक और नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने सैफुद्दीन सोज के बयान को ‘गैर जिम्मेदाराना’ करार देते हुए कहा कि ऐसे बयानों से घाटी में अलगाववादी और आतंकवादी ताकतों को बढ़ावा मिलेगा. नकवी ने आगे कहा, ‘आज कश्मीर नाजुक दौर से गुजर रहा है. आतंकियों और अलगाववादियों ने प्रदेश के विकास को जकड़ रखा है. इन ताकतों को हराने के लिए एकजुट होकर हमें आगे जाना चाहिए.’

उधर, शिव सेना की नेता मनीष कायांडे ने कहा कि सैफुद्दीन सोज के बयान पर राहुल गांधी को जवाब देना चाहिए कि क्या कांग्रेस उनके बयान का समर्थन करती है या नहीं. उन्होंने आगे कहा, ‘अगर सोज को पाकिस्तान और परवेज मुशर्रफ से इतना ही प्रेम है तो उन्हें पाकिस्तान जाकर मुशर्रफ का नौकर बनने पर विचार करना चाहिए.’

इससे पहले शुक्रवार को सैफुद्दीन सोज ने पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के एक बयान समर्थन करते हुए कहा था कि अगर कश्मीरियों को मौका मिले तो वे किसी देश में विलय के बजाय आजाद होना चाहेंगे. हालांकि इसके साथ उन्होंने यह भी कहा था कि वे समझते हैं कि कश्मीरियों को आजादी मिल पाना मुमकिन नहीं है. सोज ने आगे यह भी स्पष्ट किया था कि उनके बयानों के कांग्रेस के साथ जोड़कर न देखा जाए.